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Gorakhpurलगभग १ घंटा पहले

जलेश्वरनाथ मंदिर के पीछे बने ‘शिवकुंड’ पर उठा विवाद, प्रेम शंकर मिश्र ने लगाए भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप

जलेश्वरनाथ मंदिर के पीछे बने ‘शिवकुंड’ पर उठा विवाद, प्रेम शंकर मिश्र ने लगाए भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप

*विश्वनाथ उमर के नामकरण पर भी जताई आपत्ति, बोले— “इतिहास और पूर्व नेताओं को बौना बनाने की कोशिश” बड़हलगंज, गोरखपुर। नगर पंचायत बड़हलगंज में जलेश्वरनाथ मंदिर के पीछे नव विकसित किए गए शिवकुंड और विश्वनाथ उमर द्वार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के पूर्व प्रत्याशी एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम शंकर मिश्र ने पत्रकार वार्ता एवं फेसबुक लाइव के माध्यम से नगर पंचायत चेयरमैन और क्षेत्रीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और राजनीतिक पक्षपात का मुद्दा उठाया। गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रेम शंकर मिश्र ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा हाल ही में उद्घाटित किए गए शिवकुंड के ठीक बगल में एक बड़े गड्ढे में गंदा पानी जमा हो रहा है, जिसे उन्होंने “नरक कुंड” की संज्ञा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद मूलभूत व्यवस्थाओं की अनदेखी की गई है और विकास कार्य केवल दिखावे तक सीमित हैं।उन्होंने नगर पंचायत चेयरमैन पर अपने बाबा विश्वनाथ उमर के नाम को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पंचायत सभागार के बाद अब जलेश्वरनाथ मंदिर के पीछे स्थित प्राचीन पोखरी की ओर जाने वाले नवनिर्मित मार्ग का नाम भी “विश्वनाथ उमर मार्ग” रखा गया है। श्री मिश्र ने तंज कसते हुए कहा कि यदि यही क्रम चलता रहा तो पूरे नगर का नाम ही “विश्वनाथ नगर” रख दिया जाए।इस दौरान उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय चंद्रदेव मिश्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें और उनके योगदान को नजरअंदाज करने की कोशिश असहनीय है। उन्होंने बताया कि स्व. चंद्रदेव मिश्र वर्ष 1962 में जनसंघ के टिकट पर टाउन एरिया बड़हलगंज के चेयरमैन चुने गए थे तथा उनकी राजनीतिक कारणों से हत्या कर दी गई थी। श्री मिश्र के अनुसार, उस समय नानाजी देशमुख और अटल बिहारी वाजपेयी ने इस घटना को “कांग्रेस की खूनी गुंडागर्दी” बताते हुए इसे स्वतंत्रता के बाद की दूसरी राजनीतिक हत्या के रूप में दर्ज करने की मांग की थी।प्रेम शंकर मिश्र ने कहा कि आज का राजनीतिक नेतृत्व ऐसे व्यक्तित्वों को बौना साबित करने का प्रयास कर रहा है, जो न केवल उनका अपमान है बल्कि “उनकी दोबारा हत्या” के समान है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जलेश्वरनाथ मंदिर के पीछे स्थित प्राचीन पोखरी का केवल आठवां हिस्सा ही व्यवस्थित किया गया है, जबकि शेष क्षेत्र उपेक्षा का शिकार है। पोखरी के बाकी हिस्सों में गंदगी और बदहाली बनी हुई है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।श्री मिश्र ने प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जांच कराने, शिवकुंड के पास जमा गंदे पानी को तत्काल हटाने तथा पोखरी के शेष हिस्से का भी सौंदर्यीकरण और विकास कराने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि प्रेम शंकर मिश्र भाजपा के टिकट पर विधानसभा और विधान परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं तथा क्षेत्र में एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखते हैं।

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