*राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का हुआ समापन* *’पर्यावरण

*राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का हुआ समापन* *’पर्यावरण समाज की आधारशिला है’*-*प्रोफेसर दिनेश कुमार सिंह* *राष्ट्रीय सेवा योजना हमें एकता के सूत्र में आबद्ध करती है*-*प्रोफेसर विनोद कुमार पाल* सहजनवा गोरखपुर, स्थानीय दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय, सहजनवा, गोरखपुर में दिनांक 19/03/2026 से चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के विज्ञान संकाय के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर दिनेश कुमार सिंह तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विनोद कुमार पाल द्वारा संयुक्तरूप से विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया। सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुति बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा स्तुति एवं बीए तृतीय वर्ष की छात्रा साक्षी दूबे के द्वारा तथा स्वागत गीत की प्रस्तुति बीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं स्तुति व रुषिका के द्वारा की गई। इसके उपरांत महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कौशल किशोर तिवारी द्वारा सप्त दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात् स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रोफेसर दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि "राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य है-‘स्वयं से पहले समाज’ और जब हम समाज की बात करते हैं तो पर्यावरण उसकी आधारशिला है। यदि पर्यावरण सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज और मानव जीवन दोनों संकट में पड़ जाएंगे। आज हमारा पर्यावरण अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है- वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा, वनों की अंधाधुंध कटाई और बढ़ता हुआ तापमान। ये सभी समस्याएँ कहीं न कहीं हमारी ही लापरवाही का परिणाम हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना का स्वयंसेवक होने के कारण हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। हम केवल दर्शक नहीं, बल्कि परिवर्तन के वाहक हैं। हमें समाज में जागरूकता फैलानी है और स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना है। हमें सभी मनुष्यों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए जिससे मानवता की सेवा की जा सके।” अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर विनोद कुमार पाल ने कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना हमें एकता के सूत्र में बांधती है और यह सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में कैसे हम स्वयं को संगठित करके किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं।" इसके बाद स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं ने विगत सात दिनों के अपने अनुभवों को सभी से साझा किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवायोजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कौशल किशोर तिवारी ने एवं आभार ज्ञापन डॉ. प्रदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के डॉ. दीपक सोनी, डॉ. करुणेश त्रिपाठी, डॉ. सुजीत कुमार सिंह, डॉ. महंथ यादव, डॉ. हरेराम यादव, स्तुति मिश्रा, श्रुति उपाध्याय, प्रियांजलि पांडेय, अमृता सिंह, महिमा, काजल कुमारी, पायल भारती, रितु निषाद, मित्रसेन, अमन पांडेय, नीतेश पांडेय, राजन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन के पश्चात् मुख्य अतिथि द्वारा महाविद्यालय हेतु लाए गए पाँच औषधीय पौधों-पारिजात, रूद्राक्ष, कपूर, मौलश्री एवं सफेद चंदन के पौधों का महाविद्यालय में रोपण भी किया गया।