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Rajkumar Raj
Gorakhpur२१ मिनट पहले

पोषण माह में गोरखपुर फिर प्रदेश में अव्वल, 4.05 लाख गतिविधियों की

पोषण माह में गोरखपुर फिर प्रदेश में अव्वल, 4.05 लाख गतिविधियों की

पोषण माह में गोरखपुर फिर प्रदेश में अव्वल, 4.05 लाख गतिविधियों की फीडिंग कर हासिल किया पहला स्थान लखीमपुर खीरी दूसरे और वाराणसी तीसरे स्थान पर, पोषण माह और पोषण पखवाड़ा में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन आंगनबाड़ी कार्यकत्री संध्या सिंह को राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान, टेक होम राशन वितरण में उत्कृष्ट कार्य की हुई सराहना हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम पर महीने भर चला अभियान अधिकारियों से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तक के सामूहिक प्रयासों को मिली सफलता गोरखपुर।पोषण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर संचालित गतिविधियों के मामले में गोरखपुर ने एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। नौ सितंबर से आठ अक्टूबर तक चले अभियान के दौरान गोरखपुर में लगभग 4.05 लाख पोषण संबंधी गतिविधियों का आयोजन कर उनकी फीडिंग की गई। इसी उपलब्धि के आधार पर जिले को प्रदेश में शीर्ष स्थान मिला। इस रैंकिंग में लखीमपुर खीरी दूसरे और वाराणसी तीसरे स्थान पर रहा। यह उपलब्धि जिले में पोषण जागरूकता, बाल विकास और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर ने पोषण माह के दौरान गतिविधियों के आयोजन और उनकी फीडिंग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। इस सफलता के पीछे बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ विभिन्न सहयोगी विभागों, संस्थाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों की सक्रिय भागीदारी रही। जिलाधिकारी दीपक मीणा और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव मिश्र के नेतृत्व में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया गया। विकासखंड स्तर से लेकर गांवों तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, सुपरवाइजर, ब्लॉक समन्वयकों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाया। जिले की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि गोरखपुर ने पोषण माह और पोषण पखवाड़ा के दौरान गतिविधियों के आयोजन तथा फीडिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव मिश्र के अनुसार, वर्ष 2023 में पोषण माह के दौरान ओवरऑल फीडिंग में गोरखपुर प्रदेश में प्रथम रहा था। वर्ष 2024 में पोषण माह के दौरान विभागीय फीडिंग और पोषण पखवाड़ा में ओवरऑल फीडिंग के मामले में जिले ने पहला स्थान हासिल किया। वर्ष 2025 में भी पोषण माह और पोषण पखवाड़ा में गोरखपुर का प्रदर्शन अग्रणी रहा, जबकि वर्ष 2026 के पोषण पखवाड़ा में भी जिले ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। अब राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में भी प्रथम स्थान हासिल कर जिले ने अपनी उपलब्धियों की इस शृंखला को आगे बढ़ाया है। डॉ. अभिनव मिश्र ने इस सफलता का श्रेय जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, सुपरवाइजर, ब्लॉक समन्वयकों और सीडीपीओ को दिया। उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि पोषण अभियान की सफलता सामूहिक प्रयासों और विभागीय समन्वय का परिणाम है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गांवों और शहरी बस्तियों में महिलाओं तथा बच्चों से सीधे जुड़ी रहती हैं। ऐसे में पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाने, बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। जिले को मिली सफलता में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का योगदान सबसे अहम रहा है। इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई थी। इसके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और बच्चों के समग्र विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया गया। अभियान के दौरान लोगों को संतुलित और पौष्टिक आहार, बच्चों के पोषण, गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी व्यवहारों में सुधार के बारे में जागरूक किया गया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं है, बल्कि परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। इस बार का पोषण माह गोरखपुर के लिए एक और बड़ी उपलब्धि लेकर आया। जिले के खजनी विकासखंड के बसियाखोर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री संध्या सिंह को टेक होम राशन वितरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। वाराणसी में आयोजित पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री की मौजूदगी में संध्या सिंह को उनके कार्यों के लिए पहचान मिली। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित चार उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शामिल किया गया था। इनमें तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा और उत्तर प्रदेश की कार्यकत्रियां शामिल थीं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने इन कार्यकत्रियों से संवाद किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व गोरखपुर की संध्या सिंह ने किया। टेक होम राशन वितरण में उनके उत्कृष्ट कार्य को सराहे जाने से जिले की आंगनबाड़ी व्यवस्था और कार्यकत्रियों के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली। मुख्यमंत्री ने अन्य कार्यकत्रियों से भी उत्कृष्ट कार्य करने वाली इन महिलाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। संध्या सिंह की उपलब्धि गांवों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के योगदान को रेखांकित करती है। टेक होम राशन के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक पोषण सामग्री पहुंचाना मातृ एवं शिशु पोषण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें नियमितता, पात्रता के अनुसार वितरण और लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसे कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कार्यकत्रियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से दूसरे आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। राष्ट्रीय पोषण माह के साथ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भी जिले के सभी विकासखंडों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में पोषण रेसिपी प्रतियोगिता, पोषण क्विज, पोषण रंगोली, पोषण मेहंदी और बेकार सामग्री से स्वदेशी खिलौने बनाने का प्रदर्शन प्रमुख रूप से शामिल रहा। इन गतिविधियों के जरिए पोषण संबंधी जानकारी को रोचक और व्यवहारिक तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। पोषण रेसिपी प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की जानकारी साझा की गई, जबकि पोषण क्विज और रंगोली जैसी गतिविधियों ने जागरूकता संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। बेकार सामग्री से खिलौने बनाने के प्रदर्शन के जरिए बच्चों के लिए कम लागत में उपयोगी शिक्षण सामग्री तैयार करने और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी और प्री-स्कूल किट भी वितरित की गईं। उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकत्रियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्री-स्कूल किट के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और सीखने की गतिविधियों को मजबूत करने पर बल दिया गया। इस प्रकार पोषण माह के कार्यक्रम जागरूकता के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता और बच्चों के सर्वांगीण विकास से भी जुड़े रहे। पोषण माह के आयोजन में जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा जिले के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, जनपद के सभी विधायक और ब्लॉक प्रमुख अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागी रहे। जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से पोषण अभियान को व्यापक स्तर पर समर्थन मिला और इसके संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में मदद मिली। अभियान के संचालन में यूनिसेफ, रॉकेट लर्निंग सहित अन्य सहयोगी संस्थाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय अधिकारियों और संस्थाओं के बीच समन्वय के जरिए विभिन्न गतिविधियों को आयोजित करने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग मिला। पोषण अभियान में सरकारी तंत्र के साथ सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी ने भी कार्यक्रमों को विस्तार देने में योगदान किया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस उपलब्धि पर अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शीघ्र सम्मानित करने की बात कही है। जिले को प्रदेश में पहला स्थान मिलने के बाद अभियान से जुड़े कर्मियों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। गोरखपुर की यह उपलब्धि बताती है कि विभागीय समन्वय, नियमित गतिविधियों, जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की सक्रियता और जनभागीदारी के जरिए पोषण संबंधी योजनाओं को प्रभावी बनाया जा सकता है। राष्ट्रीय पोषण माह-2026 में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना गोरखपुर के लिए केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि बाल विकास और पोषण जागरूकता के क्षेत्र में किए गए सामूहिक प्रयासों की उपलब्धि है। अब इस प्रदर्शन को निरंतर बनाए रखने के साथ अभियान के माध्यम से मिली जागरूकता को परिवारों के व्यवहार में उतारना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण सेवाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचता रहे।

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