मेलाधिकारी बोले- अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य का प्रोटोकॉल देने का प्रश्न ही नहीं

मेलाधिकारी बोले- अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य का प्रोटोकॉल देने का प्रश्न ही नहीं उठता मेला कार्यालय सभागार में मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीएम, मेलाधिकारी माघ मेला ने संयुक्त रूप से सोमवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपाें के बाद प्रेसवार्ता की। मेला कार्यालय सभागार में मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीएम, मेलाधिकारी माघ मेला ने संयुक्त रूप से सोमवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपाें के बाद प्रेसवार्ता की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि कोर्ट ने शंकराचार्य का प्रोटोकॉल देने से स्पष्ट रुप से मना किया है। इसके पहले भी कभी शंकराचार्य के रूप में सुविधा नहीं दी गई है। मंडलायुक्त ने सौम्या अग्रवाल ने कहा कि संगम तट पर भीड़ अधिक थीं, इसलिए उन्हें रोका गया, अनुनय विनय किया गया कि रथ से उतरकर स्नान करने जाएं, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े थे। अगर वह घाट पर जाते तो अफरा- तफरी मच सकती थीं, इसलिए नहीं जाने दिया गया। डीएम ने कहा कि 14 अक्तूबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया था हम उसी का पालन कर रहे हैं। अगर कोई सुविधा देते तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना होती। मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद महराज को कभी भी शंकराचार्य का प्रोटोकॉल नहीं दिया गया है। न ही शिविर शंकराचार्य की वजह से आवंटित की गई हैं। तीन घंटे तक उन्होंने श्रद्धालुओं का रास्ता रोका रखा। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि तीन घंटे तक दबाव बनाते रहें कि हम पैदल नहीं जाएंगे, इस वजह से जद्दोजहद की स्थिति पैदा हुई। इस वजह से कुछ लोगों को पुलिस ने अलग किया। सीसीटीवी फुटेज हमारे पास मौजूद हैं। करोड़ों लोगों की जान जोखिम में डालकर हम किसी को वीआईपी स्नान नहीं करा सकते हैं।