भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

मौदहा (हमीरपुर) इचौली कस्बे में सोमवार से झरियारे बाबा मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य एवं पारंपरिक शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा का आयोजन अखाड़ा संगल वाला, अमृतसर (पंजाब) से पधारे कथा व्यास एवं निर्वाण पीठाधीश्वर महंत दिव्याम्बर मुनि जी महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है। कथा आयोजन स्थल से प्रारंभ हुई कलश यात्रा पवित्र जलस्रोत तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जल भरकर श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किया। इसके बाद कलश यात्रा इचौली, नायकपुरवा की गलियों एवं बाजार चौराहों से होती हुई पुनः कथा स्थल पहुंची, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ कलशों की स्थापना की गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रही, जिससे संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। आरती के पश्चात श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास महंत दिव्याम्बर मुनि जी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह कथा सभी कथाओं में श्रेष्ठ मानी जाती है। जिस स्थान पर भागवत कथा का आयोजन होता है, वह स्वयं तीर्थ बन जाता है। इस पावन कथा का श्रवण और आयोजन करने का सौभाग्य केवल प्रभु प्रेमियों को ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सात दिन तक चलने वाली इस कथा को श्रद्धापूर्वक सुनने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश पूरी कथा न सुन सके, तो भी दो-तीन या चार दिन का श्रवण उसे पुण्य फल प्रदान करता है, क्योंकि यह कथा भगवान श्रीकृष्ण की अमृत वाणी है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के अवतार से लेकर कंस वध तक के प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है। कथा में परीक्षित बने रामदुलारी, सुरेन्द्र कुमार सनातनी, पूर्व विधायक युवराज सिंह, जितेन्द्र कुमार, विपिन पाण्डेय, गोवर्धन शरण, हर्षराज, देवेन्द्र रामविलाश, प्रेमचंद, सीरज सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया।