गोरखनाथ मंदिर के अनन्य सेवादार को नमन करने गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, ब्रह्मभोज

गोरखनाथ मंदिर के अनन्य सेवादार को नमन करने गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, ब्रह्मभोज में हुए शामिल गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पिपराइच के ग्राम लूहसी पहुंचकर गोरखनाथ मंदिर के प्रति समर्पित व्यक्तित्व, स्वर्गीय मार्कण्डेय यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अवसर था स्वर्गीय यादव के ब्रह्मभोज का, जहाँ मुख्यमंत्री ने न केवल दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, बल्कि परिजनों के बीच बैठकर उन्हें इस कठिन समय में संबल भी प्रदान किया। रिश्तों की गहराई और समर्पण का सम्मान स्वर्गीय मार्कण्डेय यादव केवल एक ग्रामीण नहीं, बल्कि गोरखनाथ मंदिर के बेहद करीबी और अटूट आस्था रखने वाले कर्मठ साथी थे। उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पूर्व में भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने गांव पहुंचे थे। आज पुनः ब्रह्मभोज कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकर्ताओं और समर्पित सहयोगियों के साथ एक परिवार की तरह खड़े रहते हैं। CM के शब्द: "सेवा और सादगी का संगम थे मार्कण्डेय" परिजनों से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा: "मार्कण्डेय यादव जी का जीवन सेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति पूर्णतः समर्पित था। उन्होंने समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और सदैव जनहित के लिए तत्पर रहे। उनका जाना न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और मंदिर परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।" प्रशासनिक मुस्तैदी और जनसैलाब कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, उच्च प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नम आंखों से स्वर्गीय यादव को याद किया। मुख्यमंत्री ने परिजनों को सांत्वना देते हुए आश्वस्त किया कि सरकार और मंदिर परिवार हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। पूरा कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और शोकपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जो दिवंगत आत्मा के प्रति क्षेत्र के लोगों के अपार सम्मान को दर्शाता है।