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Lucknowलगभग १ घंटा पहले

लखनऊ बाजार भाव से आधे से भी कम में भाजपा को मिल

लखनऊ बाजार भाव से आधे से भी कम में भाजपा को मिल

लखनऊ बाजार भाव से आधे से भी कम में भाजपा को मिल गई जमीन लखनऊ। जियामऊ में मेन रोड से लगी जिस जमीन पर प्रदेश भाजपा का मुख्यालय बनना है, वह बेहद प्राइम लोकेशन है। लोहिया पथ से लगी यह जमीन जिस कीमत में भाजपा को नीलामी में मिली है वह प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों को हैरान कर रही है।जानकारों का मानना है कि जियामऊ जैसे लोकेशन पर जिस तरह नीलामी में प्रतिस्पर्धा चलती है उसमें 5500 वर्ग मीटर की जमीन की कीमत 100 करोड़ भी पहुंच जाती तो बड़ी बात नहीं होती। जबकि भाजपा को नीलामी में यह जमीन 45 करोड़ में ही मिल गई है। नीलामी में एलडीए ने भी 16 करोड़ का मुनाफा भी कमा लिया है। यानी दोनों के हाथ में लड्डू दिख रहे हैं। पिछले एक वर्ष में एलडीए ने कई हजार करोड़ की संपत्तियां ई नीलामी के जरिये बेची हैं। इनमें जमीन और फ्लैट हैं। लगभग सभी संपत्तियां आरक्षित दर से बहुत अधिक दाम पर बिकीं जिससे एलडीए को काफी फायदा हुआ। गोमतीनगर में जमीनों की कीमत आरक्षित दर से दो से तीन गुना तक बढ़कर मिली। जियामऊ की जो भाजपा ने खरीदी है उसका आरक्षित मूल्य करीब 44 करोड़ रुपये था लेकिन नीलामी में शामिल लोगों ने इसके लिए बढ़-चढ़ कर दाम नहीं लगाया। ऐसे में भाजपा ने मात्र एक करोड़ ज्यादा देकर 45 करोड़ रुपये में जमीन अपने नाम कर ली। करीब पांच महीने पहले एलडीए ने इसी जमीन से कुछ आगे की कुछ जमीन को नीलाम किया था जो आरक्षित मूल्य से कहीं ज्यादा पर बिकी थीं। इस मामले पर एलडीए के जिम्मेदार चुप हैं। नीलामी में कुल कितने और कौन-कौन शामिल हुए थे, यह जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। 20 हजार रुपये वर्गफीट तक है बाजार मूल्यप्रॉपर्टी के जानकारों के अनुसार, लोहिया पथ से लगी जमीन का व्यावसायिक उपयोग हो सकता है। ऐसे में यहां पर जमीन का बाजार मूल्य 20 हजार रुपये वर्गफीट तक जा सकता है। इस इलाके में किसी अच्छी कॉलोनी और सड़क पर जमीन का मूल्य इन दिनों 9 से 10 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक जाता है। दूसरी ओर भाजपा ने जो जमीन खरीदी है वह लगभग 8 हजार रुपये प्रति वर्गफीट की दर से बिकी है जो काफी कम है। शुरू हो गया सड़क बनाने का कामभाजपा ने जो जमीन खरीदी है उसके सामने की सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। चौड़ीकरण में जो पेड़ उसमें रुकावट हैं उनको काटा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जिस हिस्से के पेड़ काटे जा रहे हैं उसका उपयोग सड़क के रूप में किया जा सकता है। यह सड़क बन जाएगी तो यहां पर वाहनों का आवागमन और आसान हो जाएगा।

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