लखनऊ में गोमती का रौद्र रूप, वर्षों बाद इस कदर दिखी बाढ़

लखनऊ में गोमती का रौद्र रूप, वर्षों बाद इस कदर दिखी बाढ़ - हजारों की जिंदगी ठहरी *लखनऊ, 05 अक्टूबर 2026।* राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। वर्षों बाद गोमती नगर से सटे इलाकों से लेकर दुबग्गा, फैजुल्लागंज और माल-इटौंजा तक कई फिट पानी भर गया है। कहीं खाने-पीने का संकट है, तो कहीं अंतिम संस्कार तक में मुश्किल हो रही है। रविवार शाम तक जेहटा-माल रोड पर डेढ़ फीट पानी गोमती का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रविवार को दुबग्गा के जेहटा रोड समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। शाम 6 बजे तक जेहटा-माल रोड पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा था। माल और इटौंजा के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बिगड़ रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक अगले 24 घंटे में गोमती का जलस्तर दो फीट तक और बढ़ सकता है। प्रशासन की टीम ने हयात नगर मोड़, दौलतखेड़ा, सैथा और बरावन कला समेत प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। पहली मंजिल पर रहने वालों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट होने और गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कहा गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 10 नावों की सुविधा शुरू की गई है। 1000 बीघा फसल का होगा सर्वे, 500 बीघा धान डूबा ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि बाढ़ से धान, सब्जियों समेत अन्य फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। मंझौवा गांव में अकेले करीब 500 बीघा धान की पकी फसल डूब गई। खीरा, लौकी और भिंडी की फसल भी खराब हुई है। डीएम ने 1000 बीघा से अधिक फसल और सब्जियों के नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। किसानों को नियमानुसार सरकारी सहायता का भरोसा दिया गया है। वहीं जयकरन, इंद्रपाल, राजाराम, महेश और सरवन के घर भी बारिश से गिर गए हैं। हयात नगर मोड़, दौलतखेड़ा और सैथा के निरीक्षण के बाद डीएम का काफिला गुलमीखेड़ा, टाड़खेड़ा और सुखलालखेड़ा की ओर गया, लेकिन रास्ते में जलभराव अधिक होने से लौटना पड़ा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी दिखी। फैजुल्लागंज में पेयजल का संकट, खाने के लाले फैजुल्लागंज में मामा चौराहा, अटल चौक, गणेश विहार, नंदन चौराहा समेत हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। घरों में फंसे लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। घर के नल से बदबूदार पानी आ रहा है। लोग नल से हाथ-मुंह भी नहीं धो पा रहे हैं। नगर निगम के टैंकर से पानी का वितरण हो रहा है, लेकिन कई लोगों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। लोग जुगाड़ वाली नाव पर टायर लगाकर नगर निगम के टैंकर से बाल्टी में पानी भरकर ले जा रहे हैं। *5 दिन से इंतजार में सीमा:* नंदन चौराहे की सीमा जायसवाल 5 दिन से पानी घटने का इंतजार कर रही थीं। सब्र टूटा तो पति और बच्चों के साथ 3 फीट पानी में बैग लेकर किराए के कमरे में शिफ्ट हो गईं। अटल चौक के मोहम्मद शमीर की गली में 3 दिन से पानी भरा है, घर में पानी घुसने पर 3500 रुपये में त्रिवेणीनगर में एक कमरे में 6 लोगों का परिवार रहने को मजबूर है। अंतिम सफर भी मुश्किल, घाट तक डूबा गोमती की बाढ़ से अब अंतिम सफर की राह भी मुश्किल हो गई है। गुलाला घाट के अंत्येष्टि स्थल में 3 दिन से नदी का पानी भरा है। घाट जाने वाली सड़क पर डेढ़ फीट पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। रविवार दोपहर एक शव वाहन घाट पहुंचा, तो चालक ने धीरे-धीरे वाहन आगे बढ़ाया और परिजन शव को पानी से निकालकर चबूतरे तक ले गए। अंत्येष्टि परिसर में भी 1 फीट पानी लकड़ियों तक पहुंच गया है। बिजली आपूर्ति बंद होने से विद्युत शवदाह गृह भी बंद है। गैस सिलेंडर लेने के लिए भी लोगों को डेढ़ से दो फीट पानी में 300 मीटर चलना पड़ रहा है। वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है। दूसरी तरफ नगर निगम ने तोड़ी झोपड़ी फैजुल्लागंज में घर छोड़कर अस्थायी ठिकानों पर रह रहे लोगों पर नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से गुस्सा है। दाउदनगर निवासी ई-रिक्शा चालक सकटू ने पत्नी मनोरमा और दो बेटियों के साथ 60 फीट बंधे के किनारे नाले पर अस्थायी झोपड़ी बनाई थी। रविवार को नगर निगम जोन-3 की टीम ने झोपड़ी तोड़कर सामान बाहर फेंक दिया। दुर्गापुरी की अमित की लोहे की गुमटी भी गिरा दी गई। इटौंजा-माल रोड पर जाम, भाजपा-सपा कार्यकर्ता भिड़े इटौंजा-माल रोड पर रविवार दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक बाढ़ पीड़ितों ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। इसी बीच राशन बांटकर लौट रहे भाजपा विधायक योगेश शुक्ला के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने हरदा चौराहे पर रोक लिया, जिसके बाद भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक हुई। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए रात में पेट्रोलिंग बढ़ाने और दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।