खबर के बाद भी नहीं जागा PWD, जर्जर सड़क और झाड़ियों के
खबर के बाद भी नहीं जागा PWD, जर्जर सड़क और झाड़ियों के बीच जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण केवटली, सुल्तानपुर। हालियापुर–सुल्तानपुर मार्ग से केवटली गांव को जाने वाली डामर सड़क की बदहाल स्थिति और सड़क की पटरियों पर उगी घनी झाड़-फूस को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है और बरसात के चलते इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। सड़क किनारे दोनों ओर इतनी घनी झाड़ियां उग आई हैं कि दो वाहन आमने-सामने आने पर एक वाहन को निकलने के लिए सड़क से नीचे झाड़ियों में जाना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरसात के मौसम में यदि कोई राहगीर वाहन बचाने के लिए झाड़ियों में चला जाए और वहां छिपे किसी जहरीले जीव-जंतु या नीलगाय की चपेट में आकर घायल हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीणों के मुताबिक, इसी झाड़ियों में छिपी नीलगाय पहले भी राहगीरों पर हमला कर चुकी है। हाल में राजा राम यादव सहित दो लोगों के नीलगाय के हमले में घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं सड़क के गड्ढों में भरे पानी से स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों के बगल से जब तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं तो गड्ढों का पानी उछलकर उनकी स्कूल ड्रेस तक खराब कर देता है। दूसरी तरफ से बड़ी गाड़ी आने पर बच्चों और पैदल राहगीरों को किनारे खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किस बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? क्या किसी बच्चे, राहगीर या वाहन चालक के गंभीर रूप से घायल होने के बाद ही सड़क की पटरी की झाड़ियां साफ होंगी और गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी? ग्रामीणों ने PWD से तत्काल सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत, जलभराव की समस्या दूर कराने और दोनों पटरियों से झाड़-फूस हटाने की मांग की है।