डेढ़ किलोमीटर का 'डेथ जोन': मुंडा-कोड़रा मार्ग पर चलना हुआ दूभर, ग्रामीणों
डेढ़ किलोमीटर का 'डेथ जोन': मुंडा-कोड़रा मार्ग पर चलना हुआ दूभर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश सहजनवा / गोरखपुर सहजनवा तहसील क्षेत्र का मुंडा-कोड़रा मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। हल्की बरसात के कारण यह मार्ग कीचड़ के दलदल में बदल गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ईंट-भट्ठा संचालकों की लापरवाही को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया जा रहा है। उनकी अनदेखी के चलते सड़क की हालत बिगड़ गई है। पिछले दो दिनों से इस मार्ग पर कई बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, मुंडा-कोड़रा मार्ग पर स्थित एक ईंट-भट्टे के लिए पिछले कई दिनों से ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए मिट्टी की ढुलाई की जा रही थी। इस दौरान भीटीरावत-पटखौली मार्ग से मुंडा-कोड़रा मार्ग तक लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी गिर गई। भट्ठा मालिक ने इस मिट्टी को साफ कराने की जहमत नहीं उठाई। शुक्रवार और शनिवार को हुई हल्की बूंदाबांदी ने इस जमी हुई मिट्टी को फिसलन भरे कीचड़ में बदल दिया।क्षेत्र के निवासी अजय कुमार शुक्ल ने बताया कि डेढ़ किलोमीटर का यह हिस्सा अब पूरी तरह से 'स्लिप जोन' बन चुका है। पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों का संतुलन बनाना भी नामुमकिन है। शनिवार सुबह भी कई राहगीर बाइक समेत कीचड़ में गिरकर चोटिल हो गए। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि चंद पैसों के मुनाफे के लिए भट्ठा संचालक आम जनता की जान जोखिम में डाल रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय कुमार शुक्ल व अन्य ग्रामीणों ने तहसीलदार से लिखित शिकायत कर दोषी भट्ठा मालिक पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क से कीचड़ साफ नहीं कराया गया और मिट्टी गिराने पर रोक नहीं लगी, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।