गोरखपुर में गरजे सपा युवा कार्यकर्ता: NEET धांधली पर धर्मेंद्र प्रधान का

गोरखपुर में गरजे सपा युवा कार्यकर्ता: NEET धांधली पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा; आजम खान की रिहाई और सोनम वांगचुक के समर्थन में राष्ट्रपति को ज्ञापन गोरखपुर: NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और वरिष्ठ नेता आजम खान की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के युवा संगठन ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे टाउनहॉल चौराहे पर भारी संख्या में जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक 5-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। युवा नेताओं का साफ कहना है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की 5 प्रमुख मांगें: वांगचुक आंदोलन पर बर्बरता की जांच: 18 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक और अन्य शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों को बलपूर्वक हटाए जाने की घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा: देश में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलनों के संवैधानिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी दमनकारी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों का हित: रामपुर की मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित सभी मामलों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों और शिक्षा के अधिकार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। छात्रों की पढ़ाई और डिग्री पर आंच न आए: विश्वविद्यालय के संबंध में यदि कोई प्रशासनिक या विधिक निर्णय लिया भी जाए, तो उससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा और डिग्री पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने दिया जाए। पारदर्शिता और रोजगार: उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश के युवाओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए सरकार गंभीर कदम उठाए। NEET धांधली और विपक्षी नेताओं के उत्पीड़न का आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक जैसी परीक्षा में हुई धांधली से देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने और सपा नेता आजम खान को तुरंत जेल से रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार द्वेष भावना के तहत विपक्ष के नेताओं को जानबूझकर परेशान कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था: आंदोलन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और टाउनहॉल के पास यातायात व्यवस्था को सुचारू किया, जिसके बाद सपा कार्यकर्ता शांतिपूर्वक रवाना हो गए।