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रिपोर्टर राहुल कुमार सिंह
Sultanpurलगभग २ घंटे पहले

खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न, मिलावट रोकने को बनी अल्पकालीन

खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न, मिलावट रोकने को बनी अल्पकालीन और दीर्घकालीन रणनीति सुलतानपुर-जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रत्नप्रिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में खाद्य पदार्थों और औषधियों में मिलावट रोकने, उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों सहित सम्बन्धित विभागों के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में कार्यालय द्वारा पिछली बैठक के एजेंडा बिन्दुओं पर की गई कार्यवाही से समिति को अवगत कराया गया। समिति के समक्ष 6 प्रमुख एजेंडा बिन्दु रखे गए। पहला बिन्दु अपमिश्रित खाद्य पदार्थों एवं नकली, अधोमानक व मिथ्याछाप औषधियों के निर्माण और विक्रय की रोकथाम से जुड़ा था। इस पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अल्पकालीन और दीर्घकालीन रणनीति तैयार करके लागू करने पर विचार किया गया। दूसरा बिन्दु जन सामान्य में जागरूकता बढ़ाने से सम्बंधित था। समिति ने तय किया कि खाद्य पदार्थों और दवाओं में मिलावट के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जानकारी देने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बैठक में तीसरे एजेंडा के तहत शासन और आयुक्त कार्यालय स्तर से चलाए जा रहे विशेष अभियानों की समीक्षा की गई। साथ ही इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए। चौथे बिन्दु में खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के प्रति प्रभावी रूप से जागरूक करने पर विचार-विमर्श हुआ। पांचवे बिन्दु के अंतर्गत खाद्य अपमिश्रण और नकली दवाओं की रोकथाम के क्षेत्र में सराहनीय योगदान करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा गया। छठा बिन्दु अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों के लिए रखा गया। बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अब जनपद से एकत्र किए जाने वाले सैंपलों की जांच लखनऊ स्थित लैब में अत्याधुनिक मशीनों से कराई जा रही है। समय-समय पर विभिन्न संस्थानों से सैंपल एकत्र कर जांच हेतु भेजे जाते हैं। जांच में फेल पाए जाने पर सम्बन्धित प्रतिष्ठान को पहले नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद दोबारा सैंपल लिया जाता है। यदि वह सैंपल भी फेल हो जाता है तो उसके खिलाफ वाद दायर कर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की जाती है। अंत में अपर जिलाधिकारी रत्नप्रिया ने कहा कि मिलावट के प्रति जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने के लिए समिति के सभी सदस्यों को अपना सहयोग देना होगा। तभी आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकेंगे। अध्यक्ष की अनुमति से बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई।

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