गोरखपुर की मशहूर चटोरी गली में पसरा सन्नाटा, व्यापारियों ने बंद रखीं

गोरखपुर की मशहूर चटोरी गली में पसरा सन्नाटा, व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें; बोलार्ड-बैरियर हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन गोरखपुर। गोलघर स्थित शहर की सबसे मशहूर चटोरी गली में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। बोलार्ड और बैरियर लगाए जाने से नाराज व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया और सड़क किनारे लगने वाले ठेले-खोमचे भी हटवा दिए। इसके बाद चटोरी गली और उसके दोनों एंट्री पॉइंट पर दिनभर सन्नाटा छाया रहा। दोपहर में 50 से अधिक व्यापारी एकजुट हुए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 8 करोड़ खर्च, फिर भी कारोबार 40% घटा व्यापारियों का आरोप है कि सड़क के दोनों ओर लगाए गए बैरियर और बोलार्ड के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। व्यापारियों के मुताबिक चटोरी गली के सौंदर्यीकरण और फसाड निर्माण पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसका लाभ मिलने के बजाय कारोबार 40 प्रतिशत तक घट गया है। रास्ता बंद होने और ई-रिक्शा पर रोक के कारण ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्राहकों का आना लगभग बंद हो गया' व्यापारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि बोलार्ड लगने के बाद से चटोरी गली में ग्राहकों का आना लगभग बंद हो गया है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी के विरोध में अंदर और बाहर के सभी दुकानदारों ने पूर्ण बंदी का आह्वान किया। व्यापारियों का यह भी कहना है कि रास्ते बंद होने से मुख्य चौराहों पर जाम का दबाव बढ़ा है। पहले लोग आसानी से बाजार पहुंच जाते थे, लेकिन अब जाम के कारण ग्राहक यहां आने से बचते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। *कचौड़ी गली बनी, लेकिन कचौड़ी ही गायब' व्यापारी अनूप पटेल ने नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास का उद्देश्य कारोबार और सुविधाओं को बढ़ाना होना चाहिए, न कि नुकसान पहुंचाना। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "करोड़ों रुपये खर्च करके कचौड़ी गली तो बना दी गई, लेकिन अब यहां कचौड़ी ही गायब होती जा रही है।" बैरियर-बोलार्ड हटाने की मांग समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल ने कहा कि किसी दूसरे शहर के मॉडल को बिना स्थानीय परिस्थितियों को समझे लागू करना सही नहीं है। लखनऊ और इंदौर की तर्ज पर व्यवस्था बनाने के बजाय गोरखपुर की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने बैरियर हटाकर रास्ता खोलने और सौंदर्यीकरण में लगी लाइटों-वायरिंग की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वे नगर आयुक्त, जिलाधिकारी, महापौर और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। चटोरी गली पहले तीन लेन का खुला रास्ता था, रास्ता बंद होने से न केवल यहां की दुकानों बल्कि पूरे गोलघर के कारोबार पर असर पड़ा है। नगर आयुक्त से मिले व्यापारी, नहीं निकला समाधान इससे पहले मंगलवार को नितिन कुमार जायसवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर आयुक्त अजय जैन से मुलाकात कर दोनों ओर लगे बैरियर हटाने और रास्ता खोलने की मांग रखी थी। नगर आयुक्त ने कहा कि एसपी ट्रैफिक और प्रशासन से बातचीत के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल व्यापारियों की मांग पर तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका है।