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Tapan Kumar Bose
Lucknowलगभग १ घंटा पहले

मुख्यमंत्री की दशहरा शोभायात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, व्हाइट हाउस में वीवीआईपी

मुख्यमंत्री की दशहरा शोभायात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, व्हाइट हाउस में वीवीआईपी

मुख्यमंत्री की दशहरा शोभायात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, व्हाइट हाउस में वीवीआईपी सुरक्षा पर मंथन गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दशहरा शोभायात्रा को सकुशल संपन्न कराने और उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा के दौरान वीवीआईपी सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सभी तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया। शोभायात्रा गोरखपुर का प्रमुख धार्मिक आयोजन दशहरा पर गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक निकलने वाली यह शोभायात्रा गोरखपुर का सबसे प्रमुख धार्मिक आयोजन है। मुख्यमंत्री की सहभागिता को देखते हुए उनकी सुरक्षा के साथ-साथ लाखों श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा भी बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के सभी पहलुओं पर मंथन किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा बैठक में एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मौजूद रहे। इसके अलावा नगर आयुक्त अजय जैन, एसपी सिटी निमिष पाटिल, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ कैंट अरुण कुमार सिंह, एसपी अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह, एसपी मंदिर सुरक्षा संतोष कुमार, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, जीडीए ओएसडी संजीव दीक्षित, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी भी मौजूद रहे। एटीएस, एलआईयू और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। सुरक्षा और सुविधा में संतुलन अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के आवागमन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही और आमजन की सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी है। दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में यातायात का सुचारू संचालन और भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। बैठक में तय हुआ कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा इकाइयों के बीच त्वरित समन्वय रखा जाएगा। सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को सार्वजनिक किए बिना सभी आवश्यक प्रबंधों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक निकलने वाली यह ऐतिहासिक शोभायात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो, मुख्यमंत्री की सुरक्षा पुख्ता रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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