*छुट्टा सांड बना मौत का काल! सिलाई कर पेट पालने वाले बुजुर्ग

*छुट्टा सांड बना मौत का काल! सिलाई कर पेट पालने वाले बुजुर्ग को पटक-पटक कर मार डाला* गोरखपुर जनपद के दक्षिणांचल सिकरीगंज क्षेत्र के कुई बाजार ग्रामसभा ठाटी में छुट्टा सांडों का आतंक अब लोगों की जान लेने लगा है। मंगलवार को एक दर्दनाक घटना में गांव निवासी गुलाम नबी शुकरुल्लाह (65 वर्ष) की सांड के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया जा रहा है कि गुलाम नबी पेशे से दर्जी थे और कुई बाजार में सिलाई का काम कर किसी तरह अपना जीवन यापन करते थे। मंगलवार 5 मई की शाम करीब 4 बजे वह अपने गांव से बरौली चौराहे पर घरेलू सामान खरीदने जा रहे थे। जैसे ही वह बरौली के पास पहुंचे, तभी अचानक एक खूंखार सांड ने उन पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांड ने बुजुर्ग को सींगों से उठाकर कई बार पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर किसी तरह सांड को भगाए और घायल अवस्था में गुलाम नबी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा पहुंचाया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल गोरखपुर रेफर कर दिया, लेकिन जिंदगी और मौत से जूझ रहे गुलाम नबी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। बताया जा रहा है कि उनकी एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है और वह गांव में अकेले रहकर मेहनत-मजदूरी व सिलाई कर अपना गुजारा करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में छुट्टा सांडों और पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले ही सांड ने विनोद यादव की भैंस, घर-भरन गौड़ की गाय और राम प्रकट मिश्रा की भैंस पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब एक गरीब बुजुर्ग को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल छुट्टा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में भेजने तथा क्षेत्र में अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझ जाए।