अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में गोरखपुर में सपा कार्यकर्ताओं का
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में गोरखपुर में सपा कार्यकर्ताओं का उबाल, चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी समेत सैकड़ों सपाइयों ने अंबेडकर चौक पर दिया धरना, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़क पर उतरे सपाई, चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर जताया विरोध गोरखपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की खबर के बाद गोरखपुर में सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। अखिलेश यादव चुनाव आयुक्त कार्यालय का घेराव करने के लिए दिल्ली जा रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर विरोध जताया और केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने मंडलायुक्त न्यायालय में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अंबेडकर चौक पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। उनके साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कमलेश यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम, प्रहलाद यादव, अवधेश यादव, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंबेडकर चौक पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने जा रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। धरना-प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका। पुतला फूंकने के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। मौके पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं के जुटने से अंबेडकर चौक पर कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर काफी आक्रोश दिखाई दिया। प्रदर्शन में शामिल सपा नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास करती है। चुनाव से संबंधित विषयों पर पार्टी द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं और इन्हीं सवालों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव आयुक्त कार्यालय का घेराव करने दिल्ली जा रहे थे। उनका कहना था कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी से कार्यकर्ताओं में आक्रोश स्वाभाविक है। डॉ. संजयन त्रिपाठी ने मंडलायुक्त न्यायालय में शिक्षक निर्वाचन के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के बाद सीधे अंबेडकर चौक पहुंचकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नामांकन स्थल से लेकर अंबेडकर चौक तक सपा कार्यकर्ताओं में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा बनी रही। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। सीओ कैंट अरुण कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाए रखने की अपील की। हालांकि कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। सीओ कैंट अरुण कुमार की देखरेख में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर कैंट थाने ले गई। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए अंबेडकर चौक की व्यवस्था सामान्य कराई। सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले लोगों की आवाज दबाने के बजाय संवाद करने की मांग की। गोरखपुर में एक ही दिन शिक्षक निर्वाचन के नामांकन और उसके बाद अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरमा गया। मंडलायुक्त न्यायालय में नामांकन के बाद अंबेडकर चौक पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के जुटने और पुतला फूंकने के बाद पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।