पानी की टंकी पर चढ़ी जिंदगी, छलांग लगाने ही वाली थी लड़की—महिला

पानी की टंकी पर चढ़ी जिंदगी, छलांग लगाने ही वाली थी लड़की—महिला दरोगा ने जान जोखिम में डाल बचाई जान पाइप पकड़कर लटक गई थी युवती, जागृति खरवार ने दिखाई अदम्य साहस तत्परता और सूझबूझ से टली अनहोनी, एसएसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित गोरखपुर। थाना एम्स क्षेत्र के महादेव झारखंडी कॉलोनी में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक लड़की पानी की टंकी पर चढ़ गई और बार-बार नीचे कूदने की बात कहने लगी। देखते ही देखते स्थिति बेहद गंभीर हो गई। लड़की टंकी से नीचे कूदने के लिए पाइप पकड़कर लटक गई। मौके पर पहुंची महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार ने बिना समय गंवाए अपनी जान की परवाह किए बगैर साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और लड़की का हाथ पकड़कर उसे नीचे उतार लिया। महिला दरोगा की तत्परता से एक जिंदगी बच गई और बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, 30 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे थाना एम्स पुलिस को सूचना मिली कि महादेव झारखंडी कॉलोनी में एक लड़की पानी की टंकी पर चढ़ी हुई है। सूचना मिलते ही महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां का दृश्य देखकर पुलिसकर्मियों के सामने चुनौती बेहद गंभीर थी। लड़की पानी की टंकी पर मौजूद थी और उसे समझाने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस टीम ने लड़की को बातचीत के जरिए शांत कराने और सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। लेकिन लड़की बार-बार नीचे कूद जाने की बात कह रही थी। पुलिसकर्मी उसे समझाते रहे, मगर अचानक उसने टंकी का पाइप पकड़कर नीचे लटकने का प्रयास किया। इस दौरान स्थिति बेहद नाजुक हो गई और चंद सेकेंड की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे मुश्किल समय में महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार ने असाधारण साहस का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल लड़की के समीप पहुंचकर उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस टीम की मदद से लड़की को सुरक्षित नीचे उतारा गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से संभावित हादसा टल गया और लड़की की जान बच गई। महिला उपनिरीक्षक की इस बहादुरी और मानवीय संवेदनशीलता की पुलिस विभाग में सराहना हो रही है। संकट की घड़ी में उन्होंने जिस तत्परता, साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह पुलिस की जिम्मेदारी और मानवीय कर्तव्य दोनों की मिसाल है। यदि उस समय कुछ क्षणों की भी देरी होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कोस्तुभ और पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटील ने महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार के साहसी कृत्य की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने उनकी तत्परता और साहस को पुलिस सेवा की भावना के अनुरूप बताया। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे लोगों की जिंदगी बचाना भी उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारियों में शामिल है। महिला उपनिरीक्षक जागृति खरवार ने जिस तरह अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना लड़की का हाथ पकड़कर उसे बचाया, वह पुलिसकर्मियों के लिए कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदना की प्रेरक मिसाल बन गया है।