अजब यूपी की गजब चोरी: सरकारी नर्सरी में 'विधि-विधान' से बत्ती गुल!
अजब यूपी की गजब चोरी: सरकारी नर्सरी में 'विधि-विधान' से बत्ती गुल! खंभे से कटिया, सड़क के नीचे तार और ऊपर मिट्टी; आखिर मेहरबान कौन? *कादीपुर (सुल्तानपुर):* एक तरफ जहां आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी पर विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मामला सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक का है, जहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है। इस समरसेबल को चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ दिया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थाई रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता। इस शातिर तरकीब को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है। ग्रामीणों का बड़ा सवाल प्रशासन से है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आंखें क्यों बंद हैं? इसका जिम्मेदार कौन है? सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।