मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं, गोरखनाथ मंदिर से

मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं, गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक किया निरीक्षण गोरखपुर। दशहरा पर गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहभागिता को देखते हुए बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों ने शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मार्ग में मिली कमियों को तत्काल दूर करने और आयोजन से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। शोभायात्रा मार्ग का लिया जायजा गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक निकलने वाली दशहरा शोभायात्रा गोरखपुर का प्रमुख धार्मिक आयोजन है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए उनकी सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात प्रबंधन और वीवीआईपी आवागमन को लेकर अधिकारियों ने विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मार्ग की स्थिति, रास्ते में आने वाली बाधाओं, बैरिकेडिंग और विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए मार्ग को व्यवस्थित रखना और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाना प्राथमिकता है। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण में एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान नगर आयुक्त अजय जैन, एसपी सिटी निमिष पाटिल, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ कैंट अरुण कुमार सिंह, एसपी अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह, एसपी मंदिर सुरक्षा संतोष कुमार, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी भी मौजूद रहे। एटीएस, एलआईयू सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल हुए। सुरक्षा और सुविधा में संतुलन पर जोर अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और सुचारू यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसी भी संभावित समस्या से निपटने के लिए सभी इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को सार्वजनिक किए बिना सभी आवश्यक प्रबंधों को प्रभावी बनाए रखने पर जोर है। प्रशासन का लक्ष्य है कि दशहरा की पारंपरिक शोभायात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो, मुख्यमंत्री की सुरक्षा के सभी प्रबंध पुख्ता रहें और श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो।