मौदहा तहसील के कई मार्ग जलमग्न, आवागमन रोका गया

रपटों पर पानी आने से प्रशासन अलर्ट, कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट; ग्रामीणों के लिए नावें लगाई गईं मौदहा, हमीरपुर। लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के चलते मौदहा तहसील क्षेत्र की छोटी-बड़ी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई मार्गों पर स्थित रपटे जलमग्न होने से प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोक दिया है। वहीं जरूरत के अनुसार यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है। शिवनी गांव के पास मुस्करा-बिलगांव मार्ग पर बर्मा नदी का जलस्तर बढ़ने से जलभराव हो गया है। बगिया का डेरा, रजवा का डेरा, धुनका का डेरा और नत्थूपाल का डेरा के ग्रामीणों को बाबा गंगादास की कुटी, शिवनी में विस्थापित किया गया है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो नावों का संचालन कराया जा रहा है। हालांकि आबादी और कृषि क्षेत्र प्रभावित नहीं हुए हैं। लरौंद गांव में चकदहा-लरौंद मार्ग का रपटा जलमग्न होने के कारण आवागमन रोक दिया गया है। ग्रामीणों की जरूरत के लिए एक नाव संचालित की जा रही है। फत्तेपुरवा में श्याम नाले का पानी रपटे के ऊपर बहने के कारण यातायात को करहिया मार्ग से डायवर्ट किया गया है। इसी तरह इचौली-खन्ना मार्ग पर श्याम नाले का जलस्तर बढ़ने से रपटे पर पानी बह रहा है, जिसके चलते आवागमन रोक दिया गया है। गुरदहा-उरदना मुख्य मार्ग पर चन्द्रावल नदी के बढ़े जलस्तर से रपटा जलमग्न है और यातायात को करहिया मार्ग से निकाला जा रहा है। हिमौली में चकदहा-हिमौली मार्ग पर सीहो नाले में जलस्तर बढ़ने से जलभराव है। यहां आवागमन रोक दिया गया है तथा आवश्यकता पड़ने पर ग्योड़ी मार्ग से यातायात डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं पढ़ोरी के पास मौदहा-सिसोलर मार्ग पर चन्द्रावल नदी का रपटा जलमग्न होने से आवागमन बंद कर राहगीरों को सिसोलर-टिकरी वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलमग्न रपटों, नालों और तेज बहाव वाले नदी क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न करें। प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।