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Rajkumar Raj
Gorakhpur३२ मिनट पहले

तीन अपराधी दुराचारी घोषित, खोली गई ‘ख’ श्रेणी की हिस्ट्रीशीट बेलघाट, गीडा

तीन अपराधी दुराचारी घोषित, खोली गई ‘ख’ श्रेणी की हिस्ट्रीशीट बेलघाट, गीडा और सहजनवां के अपराधियों पर पुलिस की निगरानी होगी तेज तीनों के खिलाफ दर्ज हैं लूट, धोखाधड़ी, गैंगस्टर और हत्या समेत कई मुकदमे गोरखपुर। जिले में अपराधियों पर निगरानी मजबूत करने के लिए गोरखपुर पुलिस ने तीन थानों के तीन आरोपितों को दुराचारी घोषित करते हुए उनकी आपराधिक गतिविधियों के अनुरूप ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली है। इनमें बेलघाट थाना क्षेत्र का करन हरिजन, गीडा थाना क्षेत्र का अमित और सहजनवां थाना क्षेत्र का परविन्दर उर्फ प्रवीन उर्फ प्रविन्द्र शामिल है। पुलिस के अनुसार, तीनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बाद इनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने की व्यवस्था की गई है। पुलिस की ओर से 15 अक्टूबर को जारी जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई है। तीनों अपराधियों के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए उन्हें दुराचारी घोषित किया गया और ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली गई। बेलघाट थाना क्षेत्र के छितौनी बुजुर्ग निवासी करन हरिजन पुत्र महेंद्र हरिजन के खिलाफ गोरखपुर जिले के बेलघाट और बांसगांव थानों में पांच मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2022 में बेलघाट थाने में लूट, धोखाधड़ी और चोरी की संपत्ति से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2023 में बेलघाट थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं में एक अन्य मुकदमा दर्ज हुआ। इसी वर्ष उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। बांसगांव थाने में वर्ष 2023 में लूट, धोखाधड़ी, कूटरचना और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2026 में बांसगांव थाने में मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों से संबंधित धाराओं में भी मुकदमा दर्ज है। गीडा थाना क्षेत्र के भिलौरा खुर्द निवासी अमित पुत्र सबुन्ने के खिलाफ वर्ष 2025 में गीडा थाने में तीन मुकदमे दर्ज किए गए। ये मुकदमे चोरी और चोरी की संपत्ति से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त उसी वर्ष उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली है। तीसरे अपराधी परविन्दर उर्फ प्रवीन उर्फ प्रविन्द्र पुत्र रामगोपाल उर्फ गोपाल राजभर निवासी टड़वा खुर्द, थाना सहजनवां का आपराधिक इतिहास सबसे लंबा बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 2017 से 2025 के बीच गोरखपुर और संतकबीरनगर जिले के विभिन्न थानों में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सहजनवां, पिपराइच, खलीलाबाद, गुलरिहा, सिकरीगंज और गोरखनाथ थानों के मामले शामिल हैं। परविन्दर के खिलाफ वर्ष 2017 में सहजनवां थाने में चोरी, धोखाधड़ी और चोरी की संपत्ति से संबंधित मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2018 में पिपराइच और संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और लूट से संबंधित मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2019 में गुलरिहा थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। वर्ष 2020 में गुलरिहा थाने में हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया। इसी वर्ष सहजनवां थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले दर्ज हुए। सहजनवां और पिपराइच थानों में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2020 में सहजनवां थाने में गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई का उल्लेख है। वर्ष 2025 में सिकरीगंज थाने में आर्म्स एक्ट और गोरखनाथ थाने में लूट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के तहत तीनों अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनके आपराधिक रिकॉर्ड को निगरानी के दायरे में लाया गया है। अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों के आधार पर यह कदम उठाया गया है, ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और अपराध नियंत्रण की कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सके।

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