पीएम की अपील के उलट लाखों रुपए के डीजल फूंक रहा रोडवेज
पीएम की अपील के उलट लाखों रुपए के डीजल फूंक रहा रोडवेज महकमा *बिना सवारी के दौड़ाई जा रही बसें* *रोडवेज परिसर में पेयजल समेत सुविधाओं का टोटा* *अयोध्या प्रयागराज व लखनऊ वाराणसी मार्ग पर ज्यादा पैसेंजर ट्रेन चलाये जाने की उठी मांग* सुल्तानपुर...प्रदेश में बढ़ती तेल की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री की अपील अभी तक शायद उत्तर प्रदेश के रोडवेज महकमे तक नहीं पहुंची है।सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ खुद प्रदेश की जनता से तेल बचाने की अपील कर चुके हैं वही वर्क फ्रॉम होम के लिए विभागों को तैयार कर रहे हैं सोशल मीडिया पर जाज से लेकर कर्मचारी अधिकारी तक साइकिल पर सवार हो चूके हैं नेताओं की ड्रामेबाजी के वीडियो भी इस बीच खूब वायरल हुऎ हैं इन सबके उलट उत्तर प्रदेश का रोडवेज महकमा सुल्तानपुर में उनके निर्देशों पर पलीता लगाने को तैयार है।सैकड़ो की संख्या में आधी अधूरी सवारी के साथ रोडवेज बसें जिले से प्रयागराज लखनऊ व बनारस के लिए चलाई जा रही हैं।इन बसों में सवारी की संख्या जहां 50% से कम बताई जा रही है वही लाखों रुपए का डीजल जलवा कर रोडवेज के अधिकारी अपनी पीठ थापा रहे है। इन परिवहन की बसों में सुविधा के नाम पर कुछ भी दिखाई नहीं देता हालांकि प्रयागराज मार्ग पर कुछ इलेक्ट्रिक बसे चलाई जा रही है जो जनता के साथ सरकार के लिए राहत का काम तो कर ही रही है। इससे सरकार का हजारों रुपए का डीजल बचाने का भी काम हो रहा है।वही जनपद से अयोध्या शाहगंज प्रयागराज व जौनपुर के साथ राजधानी तक ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलाने की मांग उठ रही है। लाखों रुपए के डीजल जलाए जाने के सवाल पर रोडवेज के महकमें के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। क्योंकि बोलते ही उनकी काली कमाई का काला चिट्ठा जनता और सरकार के सामने आ जाएगा। *इनसेट.. आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार रेलवे की नीतियां* वर्तमान आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्रीय स्तर से कोई विशेष योजना बनती नहीं दिख रही है।सुल्तानपुर जिले से लखनऊ व वाराणसी के लिए चलने वाली मेमू ट्रेनों का विस्तार बीते पांच वर्षो से नहीं किया गया है। जिसकी मांग कई संगठनों द्वारा समय-समय पर की जाती रही है। जो की सार्वजनिक परिवहन व आम आदमी की यात्रा का एक बड़ा माध्यम है।जनपद वासी वाराणसी और सुल्तानपुर होते हुए लखनऊ तक लगभग आधा दर्जन मेमो ट्रेन चलाये जाने की मांग कर रहे हैं। इनके अतिरिक्त अयोध्या से प्रयागराज के बीच कम से कम चार पैसेंजर ट्रेनों के चलाए जाने की मांग लगातार उठ रही है।इन ट्रेनो के चलाये जाने से सरकार का करोडो रुपए का डीजल बचेगा यात्रियों को आसानी से अपनी यात्रा करने में सहूलियत मिलेगी। शासन सत्ता के चारों ओर दिखने वाले दर्जनों सामाजिक संगठनों ने सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था बदलने को लेकर अभी तक इस विषय पर कोई पहल नहीं कि यह जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों कि समाज के प्रति चिंता दर्शाता है.जनपद सुल्तानपुर से लखनऊ वाराणसी प्रयागराज व अयोध्या जाने के लिए सार्वजनिक लग्जरी वाहनों को भी चलाने की मांग अब बलवती होने लगी है। वर्तमान योगी सरकार व परिवहन महकमें सेअनुमति मिलने की उम्मीद में कई संगठनो की मांगे उठने लगी है।