ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की तहसील इकाई का उद्घाटन, ग्रामीण पत्रकारों को बताया लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ

फेफना, बलिया बांसगांव संदेश ग्रामीण पत्रकार समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं और गांवों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर उनके समाधान में अहम भूमिका निभाते हैं। यह बात ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार ने कही। वे रविवार को फेफना बाजार में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की तहसील इकाई सदर बलिया के क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। फेफना जैसे प्रमुख स्थान पर संगठन का कार्यालय खुलना ग्रामीण पत्रकारिता को और सशक्त करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन से जुड़े पत्रकार एकजुट होकर गांवों की समस्याओं, सामाजिक कुरीतियों और जनहित के मुद्दों पर अपनी लेखनी के माध्यम से लगातार आवाज उठाते रहेंगे। सौरभ कुमार ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन संख्या बल के आधार पर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पत्रकार संगठन है। यह वही भूमि है जहां संगठन के गठन को लेकर पहली बैठक हुई थी और आज यह संगठन वटवृक्ष का रूप ले चुका है। कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव राज सिंह, तारकेश्वर सिंह, जनार्दन सिंह, उप निरीक्षक गुरुप्रसाद सिंह सहित अन्य अतिथियों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता श्यामजी शर्मा ने की जबकि संचालन छोटेलाल चौधरी ने किया। आभार ज्ञापन अभिजीत कुमार सिंह ने किया। रिपोर्ट: ए के सिंह खास रिपोर्ट --- अज्ञात कारणों से झोपड़ी में लगी आग, नौ बकरियों की जलकर मौत, परिवार बेघर गड़वार, बलिया बांसगांव संदेश स्थानीय थाना क्षेत्र के बभनौली ग्राम सभा अंतर्गत गोविंदपुर (बिंद टोली) में सोमवार देर रात अज्ञात कारणों से रिहायशी झोपड़ी में आग लग गई। इस अगलगी की घटना में झोपड़ी में बंधी नौ बकरियां जिंदा जल गईं, जबकि घर में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। बताया गया कि यह झोपड़ी रामजीत बिंद की थी, जो बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। सोमवार की रात उनकी पत्नी और चार छोटे बच्चे खाना खाकर झोपड़ी में सो रहे थे। झोपड़ी के भीतर ही बकरियां भी बंधी हुई थीं। अचानक आग लगने पर परिवार के लोग किसी तरह बाहर निकलकर शोर मचाने लगे। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते, तब तक झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार प्रदीप यादव, लेखपाल दिलीप सिंह और हल्का दरोगा हाफिज खान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पूर्व प्रधान राजेश बिंद, करन साहनी सहित कई ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। रिपोर्ट: सौरभ कुमार ब्यूरो रिपोर्ट --- यदि आप चाहें तो मैं हेडिंग और अधिक रोचक बना सकती हूँ खबर 150 शब्द के भीतर या विस्तार से एडिट कर सकती हूँ एक साथ बलिया की सभी खबरों का पैकेज भी तैयार कर सकती हूँ