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Kailash Bihari
Sonbhadra२५ मिनट पहले

* महोत्सव बना: विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान रचयिता डॉक्टर अंबेडकर की जयंती

* महोत्सव बना: विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान रचयिता  डॉक्टर अंबेडकर की जयंती

* महोत्सव बना: विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान रचयिता भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर की जयंती * -श्रद्धा सुमन और कृतज्ञता को उमड़ पड़े आम व खास नर नारी, ओबरा का डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम भी उनकी जयंती समारोह का रहा साक्षी। ओबरा, सोनभद्र । समानता, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार रक्षक, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती समारोह मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को देश के जन, गण, मन ने महोत्सव के रुप में मनाई। ओबरा का डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम भी उनकी जयंती समारोह का साक्षी बना। ताप विद्युत गृह ओबरा के मुख्य महाप्रबंधक इं.आरके अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि, नगर पंचायत ओबरा अध्यक्ष श्रीमती चांदनी, अधीक्षण अभियंता इं.चंद्रमा प्रसाद, प्राचार्य प्रमोद कुमार, एससी/एसटी शिक्षक महासभा जिलाध्यक्ष रवीश कुमार समेत तमाम गणमान्य हस्तियां बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की। सांस्कृतिक और शिक्षा संबंधी अधिकार, उपासना और अभिव्यक्ति, वैधानिक उपचारों के अधिकार से भारत विशाल के जन जन को कृतज्ञ करने वाले संघर्ष के पर्याय, ऐसे इंसानियत के मसीहा की जयंती पर मानो पूरा ओबरा उमड़ पड़ा हो। शोषितों, उत्पीड़ित और मानवता के मर्मज्ञ, भारत रत्न, भारत के महान और आदर्श नागरिक, संविधान रचयिता, डॉ. भीमराव अंबेडकर हर आम व खास, शासन, प्रशासन, न्यायाधीशों अधिवक्ताओं, अभियंताओं, प्रोफेसरों, विभिन्न राजनीतिक दल के पदाधिकारी, सदस्य, आम नर नारी इस महान उत्सव में सम्मिलित होकर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व, मानवता के लिए योगदान को याद कर कृतज्ञता प्रकट करने में लगे रहे। इस दौरान ग्रामीण अंचलों से भी बाबा साहब के अनुयायियों का काफिला अम्बेडकर स्टेडियम आया और वहां से जुलूस की शक्ल में इकट्ठा होकर नगर भ्रमण कर अम्बेडकर चौक पंहुचकर सभा में परिवर्तित हो गया जहां उनके संघर्षों और योगदान को याद किया गया।

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