बांसगांव संदेश बरहज*डीएम की अध्यक्षता में मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित* *मछुआ समुदाय

डीएम की अध्यक्षता में मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित मछुआ समुदाय को योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए गए निर्देश 15 सितंबर से 13 अक्टूबर तक मछुआ बाहुल्य गांवों में होंगे कैंप देवरिया, 10 सितंबर। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यकक्ष में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य तथा उपायुक्त, वाणिज्य कर के साथ बैठक हुई। इसमें मत्स्य विक्रेताओं एवं मछुआ समुदाय को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद देवरिया क्षेत्र में वर्तमान में संचालित मछली मंडी के प्रस्तावित स्थानांतरण के संबंध में जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी में कार्यरत सभी मत्स्य विक्रेताओं को मत्स्य विभाग की पात्रतानुसार विभिन्न कल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। जनपद के प्रत्येक विकासखंड के अंतर्गत आने वाले मछुआ बाहुल्य गांवों में 15 सितंबर से 13 अक्टूबर तक विशेष कैंप लगाए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कैंप में मत्स्य विभाग, वाणिज्य कर विभाग तथा संबंधित बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे तथा यहां मत्स्य पालकों एवं मछुआ समुदाय को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मछुआ दुर्घटना बीमा योजना तथा मत्स्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया भी मौके पर पूरी कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पात्र मत्स्य पालकों एवं मछुआ समुदाय तक शासन की योजनाओं का लाभ सुगमता और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए। *बॉक्स-1* *15 सितंबर से आयोजित होने वाले शिविर में मत्स्य पालकों को संचालित योजनाओं की दी जाएगी जानकारी* उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत मछुआरा समुदाय एवं मत्स्य पालकों के लिए ‘समृद्धि मत्स्य पालक-सशक्त मछुआरा परिवार’ के तहत विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। शिविर में पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके तहत गंभीर बीमारियों एवं शल्य चिकित्सा के लिए पांच लाख रुपये तक चिकित्सा सहायता का प्रावधान है। मत्स्य पालक एवं मछुआरा परिवार की महिलाओं को केज स्थापना के लिए प्रति आवेदिका चार से आठ केज तक अनुदान दिया जाएगा। प्रति केज लागत तीन लाख रुपये है। विभागीय अनुदान/सहायता 1.80 लाख है। मछली विक्रेताओं को मोपेड सह आइसबॉक्स उपलब्ध कराने के लिए 60 हजार रुपये तक की परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 24 हजार रुपये तक सहायता दी जाएगी। दशमोत्तर छात्रों को शिक्षा, कोचिंग एवं कौशल उन्नयन के लिए 10 हजार से 50 हजार रुपये तक छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर मछुआरा परिवारों की पुत्री के विवाह के लिए एक लाख रुपये तक वैवाहिक सहायता का प्रावधान है। दैवीय आपदा से प्रभावित पात्र मत्स्य पालक एवं मछुआरा परिवारों को, अन्य सरकारी योजना से सहायता प्राप्त न होने की स्थिति में, चार लाख रुपये तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। मत्स्य पालन संबंधी गतिविधियों के लिए वाणिज्यिक विद्युत कनेक्शन के व्यय पर प्रति हेक्टेयर 5,000 यूनिट तक प्रतिवर्ष विद्युत भार का 40 प्रतिशत सहायता दी जाएगी। मत्स्य पालन संबंधी अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक बैंक ऋण तथा मत्स्य पालक क्रेडिट कार्ड पर भुगतान किए गए ब्याज की चार प्रतिशत धनराशि तक आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा उच्च तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए राज्य के महत्वपूर्ण संस्थानों में प्रशिक्षण तथा अंतरराज्यीय भ्रमण की शत-प्रतिशत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मछुआ बाहुल्य गांवों में सामुदायिक भवन/मछुआ उत्सव भवन एवं सोलर स्ट्रीट लाइट जैसी अवसंरचनात्मक सुविधाएं भी शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ये सभी योजनाएं उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत संचालित हैं। अधिक जानकारी के लिए विकास भवन स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय, देवरिया में संपर्क किया जा सकता है।