शासनादेश को दरकिनार करना बीएसए को पड़ा महंगा, तलब प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्ति
शासनादेश को दरकिनार करना बीएसए को पड़ा महंगा, तलब प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्ति से जुड़ा मामला शिक्षिका रेखा पांडेय की अपील में तलब हुए बीएसए, ‼️सुल्तानपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शासनादेश को सही क्रियान्वयन न करना महंगा पड़ गया। *शिक्षिका द्वारा मामला उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाने के बाद पीठ ने 26 मई को बेसिक शिक्षा अधिकारी को व्यक्तिगत तलब किया है।* शिक्षिका रेखा पांडेय उच्च प्राथमिक विद्यालय बसोंढी कूरेभर द्वारा हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता पर शासनादेश को दरकिनार करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की है। *याचिका कर्ता द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा 10 अप्रैल 2026 को प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्ति संबंधी पारित आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है।* मामले की सुनवाई के दौरान 19 मई को न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने 26 मई को बेसिक शिक्षा अधिकारी को व्यक्तिगत रूप में कोर्ट में तलब होने का आदेश पारित किया है।आदेश में टिप्पणी की गई है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को जारी शासनादेश को गलत क्यों समझा गया। शासनादेश के अनुसार विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यक नियुक्त करने के लिए विद्यालय के वरिष्ठता क्रम के अध्यापक से सहमति लेने के लिए कहा गया था अगर उनके द्वारा असहमति व्यक्त की जाती है तो वरिष्ठता क्रम के दूसरे अध्यापक को प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्त किया जाए। *जबकि बीएसए द्वारा वरिष्ठता क्रम को न देखते हुए सहमति के आधार 10 अप्रैल 2026 को प्रभारी प्रधानाध्यापको की नियुक्ति कर डाली थी।* हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने प्रभारी प्रधानाध्यापको की नियुक्ति निरस्त करते हुए उनके मूल विद्यालय में जाने का आदेश पारित कर दिया‼️