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Prayagrajलगभग २ घंटे पहले

बडोखर की धरती से उठा जननायक! बडोखर का हीरा’ परमोद तिवारी ने ठोकी चुनावी हुंकार—कोरांव की सियासत में

बडोखर की धरती से उठा जननायक! बडोखर का हीरा’ परमोद तिवारी  ने ठोकी चुनावी हुंकार—कोरांव की सियासत में

बडोखर की धरती से उठा जननायक! बडोखर का हीरा’ परमोद तिवारी ने ठोकी चुनावी हुंकार—कोरांव की सियासत में मचा भूचाल, हर गली-हर चौपाल पर गूंजा नाम बच्चों की जुबान से लेकर बुजुर्गों के विश्वास तक—परमोद तिवारीके समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, कोरांव से मानपुर तक का खुला ऐलान इस बार जीत तय मानपुर ।प्रयागराज विश्वनाथ प्रताप सिंह यमुनानगर क्षेत्र की कोरांव तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बडोखरकी माटी से निकला एक नाम इन दिनों पूरे इलाके की सियासत में तूफान बन चुका है—परमोद तिवारी का हीरा” कहे जाने वाले इस चेहरे ने जब से जिला पंचायत चुनाव के रण में कदम रखा है, तभी से बडोखर की धरती पर चुनावी बिगुल बज उठा है। गांव-गांव में ढोल-नगाड़ों की थाप, चौपालों पर गूंजती चर्चाएं और गलियों में उठते जयकारे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि इस बार मुकाबला नहीं, बल्कि जनआंदोलन खड़ा हो चुका है। परमोद तिवारीका नाम अब सिर्फ एक प्रत्याशी का नाम नहीं रहा, बल्कि यह जनभावनाओं का प्रतीक बन गया है। सुबह की चाय की दुकानों से लेकर शाम की चौपालों तक, हर जगह एक ही चर्चा—“इस बार बदलाव होगा, इस बार परमोद तिवारी का आएंगे।” छोटे-छोटे बच्चे भी उनके नाम के नारे लगाते नजर आ रहे हैं, तो वहीं बुजुर्ग अपने अनुभव के साथ उनके पक्ष में खुलकर समर्थन जताते दिखाई दे रहे हैं। चुनावी माहौल ऐसा बन चुका है मानो पूरा क्षेत्र एक उत्सव में बदल गया हो। कहीं ढोल बज रहे हैं, कहीं नगाड़ों की गूंज है, तो कहीं समर्थक जोश में नारे लगाते हुए माहौल को गर्म कर रहे हैं। हर दिन परमोद तिवारी के समर्थन में निकल रही भीड़ यह साफ संकेत दे रही है कि यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, कोरांवसे लेकर मानपुरतहसील तक पत्रकार समाज भी पूरी मजबूती के साथ परमोद तिवारी के समर्थन में उतर आया है। उनकी वर्षों की निर्भीक बेबाक जनहित के मुद्दों पर उठाई गई आवाज आज उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनती नजर आ रही है। यही कारण है कि उन्हें न सिर्फ आम जनता, बल्कि बुद्धिजीवी वर्ग का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। परमोद तिवारी के चुनावी अभियान में अब वह ऊर्जा देखने को मिल रही है, जो किसी बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है। समर्थकों का उत्साह, लगातार बढ़ती भीड़ और हर वर्ग से मिल रहा साथ इस बात का संकेत दे रहा है कि बारा की सियासत में इस बार कुछ बड़ा होने वाला है। हर गली में गूंजते नारे, हर चौपाल पर चलती चर्चाएं और हर चेहरे पर झलकता विश्वास—यह सब मिलकर एक ही कहानी कह रहे हैं कि यह चुनाव अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों और विश्वास की जंग बन चुका है। अब नजरें टिकी हैं आने वाले परिणामों पर, लेकिन फिलहाल की धरती पर जो माहौल है, वह साफ बता रहा हैबदलाव की आंधी चल चुकी है और इसका केंद्र बने हैं परमोद तिवारी।

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