सीडीओ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ किसान दिवस किसानों की शिकायतों का

सीडीओ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ किसान दिवस किसानों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के दिये निर्देश चित्र संख्या 01 से 04 तथा फोटो कैपशन। बहराइच 21 अक्टूबर। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता की अध्यक्षता में ‘किसान दिवस’ आयोजित किया गया। किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण ढंग से निस्तारित करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ ने उपस्थित किसानों से कहा कि वह किसान दिवस बैठक में अपने सुझाव या शिकायत लिखित रूप में दिया करें ,जिससे उसका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जा सके। उन्होंने किसानों से कहा कि वह अपनी समस्याएं शिकायतें व्यक्तिगत रूप से मिलकर दे सकते हैं, जिसका निस्तारण उनके द्वारा प्राथमिकता पर किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अधिक आय प्राप्त करने हेतु प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह दी। बैठक में उपस्थित किसानों से अपनी समस्यायें रखने को कहा। प्रगतिशील कृषक हरिशरण सिंह ने कहा की जनपद में संचालित दुग्ध विकास विभाग द्वारा दुग्ध मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है उनके अधिकारी गोण्डा में बैठते है जिससे दुग्ध उत्पादकों किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। श्री सिंह द्वारा बताया गया कि के.सी.सी. लेते समय उनके खसरा में यदि गन्ना अंकित है तथा किसान द्वारा धान की बोआई अगली फसल में कर दी गयी तो किसान को फसल योजना के तहत लाभ नहीं मिल रहा है। कृषकों द्वारा रवि बोआई से पूर्व साधन सहकारी समितियों पर उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की गयी। कृषक लालता प्रसाद गुप्ता ने जल जीवन मिशन के तहत सोहरवा ग्राम में जलापूर्ति कराने की मांग की गयी। बैठक में उपस्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ राजेश उपाध्याय ने बताया कि सरकार द्वारा गौआश्रय स्थलों में पशुओं के हरे चारे की आपूर्ति करने पर कृषक को डीबीटी के माध्यम से 250 रू. प्रति कुंतल अथवा चारा काटकर आपूर्ति करने पर रू. 300 प्रति कंुतल सहायता अनुमन्य की गयी है। जिला गन्नाधिकारी आनन्द शुक्ला ने किसानों को बताया कि इस समय गन्ने की फसल बुआई करने पर अधिक उत्पादन प्राप्त होता है साथ ही गन्ने से गन्ने के बीच में लाही, सरसों एवं सब्जियों की खेती कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते है। अग्रणी जिला प्रबन्धक इण्डियन बैंक जितेन्द्र कुमार मसंद ने बताया कि किसान भाई जीवन दुघर्टना बीमा रू. 20 वार्षिक प्रीमियम भरकर रू. 02 लाख का बीमा करा सकते है। इसी प्रकार नार्मल/अन्य दुघर्टना बीमा के तहत रू. 400 वार्षिक की दर से बैंक में बीमा कराकर रू. 20 लाख का बीमा करा सकते है इतना सस्ता बीमा कहीं पर भी नहीं होता है किसान भाई इसका लाभ उठाये। जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने किसानों को बताया कि वर्तमान में आलू बुआई का सीजन चल रहा है कोल्ड स्टोरेज से जो भी किसान कम से कम 200 कुं0 आलू निकालते है तो उसपर 100 रू. प्रति कुं अनुदान दिया जायेगा। उन्होनें बताया कि नानपारा, रिसिया में सब्जियों की पौध तैयार है मात्र 02 रू. से 2.70 रू. प्रति पौधे की दर से उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकरी सूबेदार यादव ने किसानों को बताया कि सभी प्रकार के गेूेहॅ बीज जनपद के राजकीय कृषि बीज भण्डारों पर आपूर्ति किया जा रहा है। किसान भाई आनलाइन दर्शन वन पोर्टल पर जाकर बुकिंग कराकर बीज प्राप्त कर सकते है। पूर्व की भांति अब बीज नहीं मिलेगा, बीज लेने के लिए आनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य है। इस समय सरसों एवं मसूर की निःशुल्क मिनीकिट आनलाइन पोर्टल पर बुकिंग कराकर प्राप्त सकते है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र सिंह ने वर्तमान रबी में दलहनी, तिलहनी फसलों की बोआई करने की सलाह दी। जलभराव की स्थिति में धान की खड़ी फसल में मसूर बीज की बोआई कर सकते है वर्तमान में लाही पीटी 508, मसूर आईपीएल 220, पंतनव अच्छी प्रजाति के बीज है इसमें उकठा रोग नही लगता है वर्तमान में गेहूॅ पीबीडल्यू 303, 187, डीबी डब्ल्यू 259 एवं 327 अच्छी प्रजातियां है जिनकी बोआई कर अधिक उत्पादन कर सकते है। उप कृषि निदेशक बहराइच विनय कुमार वर्मा ने किसानों से कहा कि वे नेचुरल फार्मेमिंग करें इससे भूमि की शक्ति बढ़ेगी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तथा उत्पादित खाद्यान्न विषमुक्त तथा स्वास्थ्य वर्धक होगा तथा अधिक मूल्य प्राप्त होगा जिससे आयवृद्धि होगी। उन्होनें किसानों से कहा कि वह फसलों के अवशेष/पराली न जलाये अपितु उसका कम्पोस्ट तैयार कर खाद्य के रूप में प्रयोग करें एक तो भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी दूसरे कम्पोस्ट से खाद्यान्न उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होनें बताया कि शासन एवं मा. राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पराली जलाना दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है पराली जलाने पर 02 एकड़ तक अब रू. 05 हजार व दो एकड़ से 05 एकड़ तक 10 हजार रू. एवं 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रू. 30 हजार तक पर्यावरण कम्पशेसन की वसूली करने के आदेश है। किसानों भाईयों से अपील की जाती है कि वे पराली न जलाये। पराली जलाने पर उपरोक्तानुसार अर्थदण्ड देना होगा। इस अवसर पर अधि.अभि. विद्युत कैसरगंज रविकांत, ए.ई. टॅयूबेल ललित कुमार, ए.ई. सरयू नहर खण्ड नानपारा मो. मुज्जमिल, प्रवेश कुमार, योगेन्द्र सिंह, आनन्द पटेल, आलोक चन्द्र, शलील कुमार, मलखान सिंह, दिनेश कुमार, नीतिन कुमार, अंकित चौरसिया, राम कौशल, दीपक कुमार मिश्र, दिवाकर नाथ शुक्ला सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।