ओबरा-डाला संपर्क मार्ग बना ‘नरक का रास्ता’ बिल्ली रेलवे क्रॉसिंग पर सीवर
ओबरा-डाला संपर्क मार्ग बना ‘नरक का रास्ता’ बिल्ली रेलवे क्रॉसिंग पर सीवर के गंदे पानी से जनता त्रस्त, जिम्मेदार बेखबर ओबरा/सोनभद्र। ओबरा-डाला संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति अब लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। खासकर बिल्ली रेलवे क्रॉसिंग के पास हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सड़क पर सीवर का गंदा पानी लगातार जमा होकर तालाब का रूप ले चुका है। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति की विडंबना यह है कि जहां एक ओर सड़क के किनारे हनुमान मंदिर स्थित है, वहीं दूसरी ओर ठीक सामने गंदे पानी का अंबार लगा हुआ है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस गंदगी और जलभराव के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें न केवल असुविधा होती है, बल्कि उनकी आस्था भी आहत हो रही है। बारिश हो या न हो, सड़क पर सीवर का पानी लगातार बहता रहता है, जिससे पूरा इलाका दुर्गंध और कीचड़ से भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई महीनों से बनी हुई है। कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को शिकायतें भी दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते हालात दिन-ब-दिन और बिगड़ते जा रहे हैं। इस गंदे पानी की वजह से सड़क पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। वहीं, आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस रास्ते से निकलना बेहद कठिन हो गया है। आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने मांग की है कि सीवर की समुचित निकासी, सड़क की मरम्मत और नियमित सफाई की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करता है, या फिर समय रहते कोई ठोस कदम उठाकर जनता को इस ‘नरक जैसे हालात’ से मुक्ति दिलाता है।