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Ram Prakash Kasaudhan
Gorakhpurलगभग १ घंटा पहले

*गोरखपुर :सिंकरीगंज क्षेत्र धोबौली में हरियाली पर ठेकेदारों का डाका: सड़क किनारे

*गोरखपुर :सिंकरीगंज क्षेत्र धोबौली में हरियाली पर ठेकेदारों का डाका: सड़क किनारे

*गोरखपुर :सिंकरीगंज क्षेत्र धोबौली में हरियाली पर ठेकेदारों का डाका: सड़क किनारे 15 हरे आम-महुआ के पेड़ काटे,* गोरखपुर। जिले के खजनी वन सर्किल क्षेत्र में हरियाली पर खुलेआम हमला किया गया है। सिकरीगंज थाना अंतर्गत ग्राम सभा धोबौली से सटी मुख्य सड़क किनारे खड़े आम और महुआ के लगभग 10 से 15 हरे पेड़ों को काटकर गिरा दिया गया। हद की बात यह सभी कटे बृक्ष मौर का फूल लिए गिरे है । कटान की घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है, जबकि जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों पुराने और फलदार ये पेड़ गांव की पहचान थे। देर रात या तड़के सुनियोजित तरीके से पेड़ों पर आरी चलाई गई। सुबह जब ग्रामीणों की नजर पड़ी तो हरे-भरे पेड़ जमीन पर पड़े मिले। कई पेड़ों की मोटी डालियां अलग कर ली गई थीं, जिससे साफ है कि कटान व्यवस्थित ढंग से किया गया। सड़क से सटे इलाके में इतनी बड़ी घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आम और महुआ सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और परंपरा का आधार हैं। महुआ से जहां ग्रामीणों को आय होती है, वहीं आम के पेड़ गर्मी में छाया और फल दोनों देते हैं। लगातार हो रही अवैध कटान से गांवों की बाग-बगिया उजड़ती जा रही है। इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने, तापमान बढ़ने और पक्षियों के आश्रय स्थल खत्म होने का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई है कुछ ठेकेदारों पर हरे बृक्षों पर नजर गड गई है , जिसको लेकर लकड़ो के लालच में यह कटान कराया जा रहा है । सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या बिना स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के इतनी संख्या में पेड़ काटे जा सकते हैं? यदि निगरानी मजबूत होती तो शायद हरियाली बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों की पहचान करने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कटे हुए पेड़ों के स्थान पर नए पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। अब देखना यह है कि खजनी वन सर्किल और संबंधित विभाग इस मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं, या फिर हरियाली पर पड़ा यह ‘डाका’ यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगी। *क्या! बोले बन अधिकारी* उक्त मामले पर बन क्षेत्राधिकारी संतोष पांडेय ने बताया कटान की सूचना मिलते ही जांच कर

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