अगर पानी सुरक्षित है तो कैलाश विजयवर्गीय वही पानी पीकर दिखाएँ, मैं 2 लाख दूंगी : संगीता शर्मा, कांग्रेस प्रवक्ता बोली, दूषित पानी से 16 मौतें : यह हादसा नहीं, सरकार की आपराधिक लापरवाही है

भोपाल। इंदौर में दूषित पानी पीने से 16 नागरिकों की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस गंभीर घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एवं राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य संगीता शर्मा ने राज्य सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए इसे 'दुर्घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की आपराधिक लापरवाही' करार दिया है। संगीता शर्मा ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को खुली चुनौती देते हुए कहा, अगर सरकार को सच में अपनी जल आपूर्ति व्यवस्था पर भरोसा है, तो कैलाश विजयवर्गीय उसी पानी को पीकर दिखाएँ, जिसे पीकर 16 नागरिकों की मौत हुई है। मैं अपनी तरफ़ से दो लाख रुपये देने को तैयार हूँ। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पानी आम जनता को सुरक्षित बताकर पिलाया जा रहा है, वही पानी यदि जनप्रतिनिधि नहीं पी सकते, तो फिर आम नागरिकों से इसकी कीमत अपनी जान देकर क्यों चुकवाई जा रही है? संगीता शर्मा ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक विफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साफ दर्शाती है कि सरकार जनता के स्वास्थ्य और जीवन के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में प्रचारित किया जाता है, वहीं नागरिक पानी पीकर मर रहे हैं और जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से बचने में लगे हैं। उन्होंने कहा, जब इंदौर में लोग दूषित पानी पीने से अपनी जान गंवा रहे हैं, तब सत्ता में बैठे नेता हालात की गंभीरता समझने के बजाय बयानबाज़ी कर रहे हैं। यह जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। संगीता शर्मा ने कहा कि यह मामला केवल जल आपूर्ति का नहीं, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही के अभाव का है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ठेकेदारों पर तत्काल इरादतन हत्या का आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएँ और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवज़ा दिया जाए। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन इंदौर में यह जिम्मेदारी पूरी तरह विफल साबित हुई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह समय घोषणाओं और जुमलों का नहीं, बल्कि सख़्त कार्रवाई, जवाबदेही और जनता को सुरक्षित पेयजल की गारंटी देने का है।