*गोरखपुर की नौ विधानसभा क्षेत्रों में बदलेंगे मतदान केंद्र, 23 अक्टूबर तक

*गोरखपुर की नौ विधानसभा क्षेत्रों में बदलेंगे मतदान केंद्र, 23 अक्टूबर तक मांगी गईं आपत्तियां* *प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर हो रहा पुनर्निर्धारण* *डीएम दीपक मीणा ने जारी की मतदान केंद्रों की आलेख्य सूची, जिला निर्वाचन कार्यालय और वेबसाइट पर देख सकेंगे मतदाता* गोरखपुर। आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर जिले की सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण और नए मतदान केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदान केंद्रों का निर्धारण किया जा रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची प्रकाशित करते हुए आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। इच्छुक व्यक्ति और संबंधित पक्ष 23 अक्टूबर 2026 से पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में लिखित रूप से अपनी आपत्ति या सुझाव उपलब्ध करा सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी सूचना के अनुसार गोरखपुर जिले के नौ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में वर्तमान मतदेय स्थलों की समीक्षा की जा रही है। इसमें 320-कैंपियरगंज, 321-पिपराइच, 322-गोरखपुर शहर, 323-गोरखपुर ग्रामीण, 324-सहजनवां, 325-खजनी (अनुसूचित जाति), 326-चौरीचौरा, 327-बांसगांव (अनुसूचित जाति) और 328-चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में मतदेय स्थलों की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उनमें बदलाव किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि मतदान केंद्रों की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध भवनों और मतदाताओं की संख्या के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। जहां मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक है, वहां मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण की जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नए मतदेय स्थल स्थापित करने के लिए उपयुक्त भवनों को भी चिह्नित किया जा रहा है। मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया में यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक मतदेय स्थल के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों, मोहल्लों और मजरों को सूची में शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य मतदाताओं के क्षेत्रीय कवरेज को स्पष्ट रखना और किसी गांव, मोहल्ले या मजरे के मतदाताओं को संबंधित मतदेय स्थल की सूची से बाहर रहने से बचाना है। भौतिक सत्यापन और क्षेत्रवार समीक्षा के बाद तैयार की गई आलेख्य सूची को निर्धारित प्रारूप में प्रकाशित किया गया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रकाशित सूची के संबंध में आम जनता के साथ-साथ सांसदों, विधायकों, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के अध्यक्षों, मंत्रियों और प्रतिनिधियों तथा अमान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। यदि किसी मतदेय स्थल के स्थान, प्रस्तावित बदलाव, भवन की उपयुक्तता अथवा संबंधित गांव, मोहल्ले या मजरे के समावेशन को लेकर कोई सुझाव या आपत्ति है, तो उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर लिखित रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय में प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर सम्यक विचार किया जाएगा। इसके बाद आवश्यक परीक्षण और विचार-विमर्श के उपरांत मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए मतदान केंद्रों के निर्धारण में संबंधित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा। मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची के निरीक्षण की व्यवस्था जिला निर्वाचन कार्यालय के साथ-साथ संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में भी की गई है। आम नागरिक और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इन कार्यालयों में सूची देखकर अपने क्षेत्र से संबंधित प्रस्तावित मतदान केंद्रों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की वेबसाइट और गोरखपुर जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। जिला निर्वाचन अधिकारी की इस पहल के तहत मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे अपने क्षेत्र के प्रस्तावित मतदेय स्थलों की सूची का निरीक्षण कर लें और किसी तरह की त्रुटि या बदलाव की आवश्यकता होने पर 23 अक्टूबर से पहले लिखित सुझाव अथवा आपत्ति दर्ज कराएं।