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Tapan Kumar Bose
Lucknow१७ दिन पहले

एनकाउंटर पर सीएम योगी का जवाब: बोले- हमने भी पुलिस को पिस्तौल

एनकाउंटर पर सीएम योगी का जवाब: बोले- हमने भी पुलिस को पिस्तौल

एनकाउंटर पर सीएम योगी का जवाब: बोले- हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है...अगर मारे न तो क्या गोली खाएं लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनकाउंटर पर सवाल उठाने वालों को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती जरूरी है। यूपी में निवेश बढ़ा है और कानून-व्यवस्था अब मजबूत हुई है। लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन कार्यक्रम है। इसमें सीएम योगी, उनके साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुंचे। इस दौरान सरकार ने 11 कंपनियों के साथ MoU किया। इसके तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं पर मिलकर शोध किया जाएगा। सीएम योगी ने संबोधित करते हुए कहा, अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उसके लिए भी वही कानून लागू होगा, जो माफिया और अपराधी के लिए है। बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए? एक वक्त यूपी के अंदर लोगों के मन में अविश्वास था सीएम योगी ने कहा, अगर कानून को कोई आंख दिखाता है तो उसको कानून अपने तरीके से अपने दायरे में लाकर अपने हिसाब से समझाता है। कानून के साथ किसी को खिलवाड़ करने की छूट नहीं है। एक वक्त यूपी के अंदर लोगों के मन में अविश्वास था, असुरक्षा थी, क्योंकि अराजकता थी। आज वो दूर की कौड़ी हो चुकी है। यूपी को अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं सीएम योगी ने कहा, यूपी को अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बेरोजगारी दर में यूपी सबसे न्यूनतम स्तर पर है। आज हमारे पास लैंड बैंक भी है। जब सभी लोग प्रयास करेंगे तो परिणाम आएंगे। हमने ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए लैंड अधिग्रहण की। पार्क के विकास के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश में सेंटर लेवल की लैबोरेट्री पहले से मौजूद है। 2017 में पीएम मोदी ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी सीएम योगी ने  कहा, जब हमने देखा तो तय किया कि जीरो टॉलरेंस। अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उस पर एक्शन होगा। अपना पराया कुछ नहीं होगा। जब हमने एक्शन शुरू किया, प्रयास किया कि कानून के दायरे में रहकर करें, लेकिन कई बार अगर कोई कानून से डर नहीं रहा था, तो ऐसे व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कानून की भाषा समझाना तात्कालिक परिस्थिति हो जाती है।

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