जितनी जानकारी बढ़ेगी उतना ही ईमानदार चरित्र होगा कुलपति प्रो के पी सिंह

चौरी चौरा गोरखपुर। शिक्षक,विद्यार्थियों की मेधा को आकार देता है।उसे साकार करना विद्यार्थियों का दायित्व है।आज की पीढ़ी स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम है।वर्तमान समय के पैरेंटल सोच में भी फर्क आया है।स्वयं को समझना,प्रकृति से जोड़ना,कौशल सीखना और समय प्रबंधन आज के दौर की मांग है।हर विद्यार्थी को यह समझना होगा। उक्त बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.कृष्णपाल सिंह ने कहीं। स्थानीय शहीद बंधू सिंह डिग्री कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपना उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से समय प्रबंधन,कौशल दक्षता,और जानकारी का संग्रहण करने की सीख दी। विशिष्ट अतिथि प्रो.राजवंत राव ने कहा कि दीक्षारम्भ भारतीय परंपरा में गहराई से जुड़ा है।आषाढ़ माह की पूर्णिमा को दीक्षारम्भ तथा बसंत पंचमी को समावर्तन की परम्परा गुरुकुल से रही है उन्होंने कहा कि उत्तरदयित्वबोध आप के ज्ञान का प्रमाण है।जो यह दर्शाता है कि आप भीतर से कितने संपूरित हैं। इससे पहले महाविद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार सिंह टप्पू,प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह और प्राचार्य डॉ. यू.पी.सिंह ने महाविद्यालय परिसर में अतिथियों के आगमन के साथही माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।इस दौरान स्वागत समिति के सदस्यों ने शंखध्वनि, वेदमन्त्रों के उच्चारण एवं पुष्पवर्षा करते हुए अतिथि की अगवानी की।