संत तुलसीदास जूनियर हाईस्कूल कादीपुर के कैंपस में राष्ट्रीय सेवा योजना के

संत तुलसीदास जूनियर हाईस्कूल कादीपुर के कैंपस में राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का द्वितीय दिवस: 'पर्यावरण संरक्षण' पर बौद्धिक सत्र आयोजित जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर क्षेत्र के अंतर्गत कादीपुर के स्थानीय संत तुलसीदास पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों के विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों ने सुबह शिविर स्थल की साफ-सफाई की। तदुपरांत प्रातःकालीन प्रार्थना कर आज के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। चारों इकाइयों के स्वयंसेवकों ने अपने -अपने चयनित गांवों में श्रमदान एवं जागरूकता कार्यक्रम किया। इसके बाद वापस आकर भोजन ग्रहण किया। इसके बाद आज के बौद्धिक सत्र का प्रारम्भ हुआ। बौद्धिक सत्र का विषय ‘पर्यावरण संरक्षण’ रखा गया, जिसमें स्वयंसेवकों को पर्यावरण के महत्व एवं संरक्षण के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. श्याम बहादुर सिंह, विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग उपस्थित रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि पर्यावरण संरक्षण, वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर बल देते हुए स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह, आरजू मिश्रा, प्रतीक कुमार मौर्य, डॉ शनि कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रतीक कुमार मौर्य द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने प्रभावी संचालन से कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाया। आगत अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी सुश्री आरजू मिश्रा ने किया।इस अवसर पर समाज सेवी भीम सिंह, हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश यादव, संस्कृत विभाग प्रभारी डॉ. नरेंद्र कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित यह सत्र स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। पूरा कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।