सुल्तानपुर प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता अरुण कुमार का नया कारनामा। 21
सुल्तानपुर प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता अरुण कुमार का नया कारनामा। 21 अप्रैल 1975 को जारी शासनादेश के अनुसार में सरकारी कर्मचारी को घर न रोकने और उनसे घरेलू कार्य न करवाने का था आदेश। *लेकिन शासनदेश को दरकिनार कर बेलदार गोपी से अरुण कुमार घर पर रोक कर करवाते थे गोपी से रसोइए का कार्य।* जबकि घर पर सरकारी कर्मचारी रोकने के लिए उच्चाधिकारियों से लेनी पड़ती है अनुमति। *पिछले दिनों अधिशाषी अभियंता के सरकारी आवास पर रात में खराब हुई थी बेलदार / रसोईए गोपी की तबियत।* चौकीदार और माली घंटो खटखटाते रहे अधिशाषी अभियंता अरुण कुमार का दरवाजा। *लेकिन नहीं खुला दरवाजा तो गोपी के घर वालों को दी गई सूचना।* घर से आए परिजनों ने आनन फानन गोपी को करवाया अस्पताल में भर्ती। *हालत गंभीर होने पर गोपी को किया गया था लखनऊ रेफर।* वहीं लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता की माने तो कि उन्हें प्रकरण की नहीं है कोई जानकारी। *जबकि अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता का एक ही परिसर में है आवास।* आखिर किससे अनुमति लेकर अधिशासी अभियंता अरुण कुमार रात में करवा रहे थे बेलदार गोपी से रसोइए का कार्य।