सेवानिवृत मेजर जनरल ने बच्चों में जगाया सफलता और राष्ट्रसेवा का जज्बा

चौरीचौरा।गोरखपुर। प्राथमिक विद्यालय तिलौली में आयोजित प्रेरक संवाद कार्यक्रम में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल वी. के. तिवारी ने विद्यार्थियों को सफलता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। करीब 37 वर्षों के सैन्य एवं प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य, ईमानदारी, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ प्रश्न पूछे। सेना में अधिकारी बनने की तैयारी, पढ़ाई के विषय, शारीरिक फिटनेस, सफलता के लिए आवश्यक गुण और करियर से जुड़े सवालों का मेजर जनरल तिवारी ने सरल भाषा में जवाब दिया। उन्होंने बताया कि सेना में अधिकारी बनने के लिए किसी विशेष विषय की अनिवार्यता नहीं है। विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई करते हुए एनडीए, सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने महंगी कोचिंग के बजाय नियमित अध्ययन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और आत्मविश्वास को सफलता का आधार बताया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से मातृभाषा पर गर्व करने के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छी पकड़ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान अर्जित करने के लिए करें। अच्छी पुस्तकों का अध्ययन, नियमित व्यायाम, अनुशासित दिनचर्या और शिक्षकों व अभिभावकों का सम्मान जीवन को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापिका अल्पा निगम ने मेजर जनरल वी. के. तिवारी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहायक अध्यापक विजय प्रताप चंद, आनंद कुमार सिंह, सौम्या तिवारी, शिक्षामित्र संगीता यादव, डीएलएड प्रशिक्षु निशा यादव सहित अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने अनुशासन, सत्यनिष्ठा और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहने का संकल्प लिया।