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Gorakhpur८ दिन पहले

मातृ-पितृ पूजन से गूंजा गुरुकुल परिसर: भावनाओं और संस्कारों से सराबोर रहा

मातृ-पितृ पूजन से गूंजा गुरुकुल परिसर: भावनाओं और संस्कारों से सराबोर रहा

मातृ-पितृ पूजन से गूंजा गुरुकुल परिसर: भावनाओं और संस्कारों से सराबोर रहा वार्षिक महोत्सव भरसी (बेलघाट)। श्री राम जी गुरुकुल विद्यालय में मातृ-पितृ पूजन दिवस के पावन अवसर पर भव्य वार्षिक समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित इस आयोजन ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने “प्रथम पूजनीय कौन”, “संस्कारों का महत्व” तथा “पिता के प्रति गीत” जैसी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से माता-पिता के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया। विद्यालय के प्रबंधक उमेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मातृ-पितृ पूजन दिवस केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन के प्रथम गुरु — माता और पिता — के प्रति आभार व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज का आदर्श नागरिक बनें। कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब विद्यार्थियों ने विधिवत अपने माता-पिता का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को भावनाओं से भर दिया और अनेक अभिभावकों की आँखें नम हो उठीं। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख डॉ. पूजा सिंह कौशिक उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में मंडल अध्यक्ष बजरंगी सिंह, शिवाजी चंद्र कौशिक, शिक्षक संघ अध्यक्ष विजय चौधरी, समाजसेवी अरुण कुमार दुबे, रोहित चौहान, शिक्षक रामबचन यादव, विनय कुमार, प्रधानाचार्य शैलेश कुमार, प्रकाश सिंह, चंद्रदेव निषाद, रितेश कुमार, मंजीत यादव, उभय यादव, पवन यादव, नागेंद्र यादव, ग्राम प्रधान हरकेश यादव, प्रबंधक उर्मिला यादव सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यालय द्वारा पिछले 13 वर्षों से निरंतर आयोजित इस सांस्कृतिक परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कुल मिलाकर यह समारोह भारतीय संस्कृति, पारिवारिक सम्मान और शैक्षिक उत्कृष्टता का जीवंत उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।

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