बांसगांव संदेश बरहज,बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के

बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश देवरिया, 31 अगस्त। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर से संबंधित बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों के पुनर्वास, संरक्षण एवं उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। असहाय, निराश्रित एवं संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता एवं अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना एवं रानी लक्ष्मीबाई योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ वितरण की नियमित निगरानी करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लाभार्थी भी इनके संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकें। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान को बढ़ावा देने के साथ ही उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र लाभार्थी को जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा 13 कार्यक्रम एवं 4 पीटीएम आयोजित कर 43 महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। इनमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में 23 बालक-बालिकाओं का नामांकन, विधवा पेंशन से 10 महिलाओं को लाभ, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन हेतु 11 बालिकाओं की काउंसलिंग, आयुष्मान कार्ड के लिए 5 ऑनलाइन आवेदन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 महिलाओं का रोजगार हेतु पंजीकरण तथा 3 दिव्यांग महिलाओं/बालिकाओं को लाभान्वित कराया गया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से एक बालिका को जोड़ा गया तथा अस्वस्थ होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से समन्वय कर उसका उपचार कराया गया। लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूर्ण करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभागीय लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह और संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।