पुलिस भर्ती में आयु सीमा को लेकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने
पुलिस भर्ती में आयु सीमा को लेकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन मदरिया । --------- सात वर्ष के लंबे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी एवं जेल वार्डर की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से सामान्य वर्ग के अनेक अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं। इसी को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में गहरा रोष व्याप्त है। शनिवार को वीएसएवी इंटर कॉलेज गोला के खेल मैदान में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में पहुंचे चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी को सामान्य वर्ग के युवाओं ने ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से मिलकर आयु सीमा में छूट दिलाने की मांग की। विधायक को सौंपे गए ज्ञापन में युवाओं ने अवगत कराया कि वर्ष 2018 से लंबित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती दिसंबर 2025 में जारी की गई है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा पूर्ववत 18 से 21 वर्ष ही रखी गई है। इतने लंबे अंतराल में जो अभ्यर्थी उस समय योग्य थे, वे अब आयु सीमा पार कर चुके हैं और इस भर्ती से वंचित हो गए हैं। युवाओं ने बताया कि पिछली भर्ती 16 नवंबर 2018 को निकाली गई थी। इसके बाद सितंबर 2018 से लंबित भर्ती का विज्ञापन दिसंबर 2025 में आया है, जिससे हजारों सामान्य वर्ग के नौजवान अयोग्य हो गए हैं। ऐसी स्थिति में आयु सीमा में छूट न मिलने पर उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 18 नवंबर 2025 को गोरक्षनाथ मंदिर गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री के जनता दरबार में तथा 15 दिसंबर 2025 को लखनऊ में पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों से मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि भर्ती निकलने पर आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी एवं जेल वार्डर की विज्ञप्ति में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कोई आयु छूट नहीं दी गई है। युवाओं ने विधायक से आग्रह किया कि उक्त तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री से वार्ता कर सामान्य वर्ग के युवाओं को आयु सीमा में उचित छूट दिलाने की कृपा करें, ताकि वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में अभिषेक शुक्ल, धनंजय यादव, सत्यवीर यादव, उमेश यादव, विवेक तिवारी, विजेंद्र चौहान, विवेक जायसवाल सहित करीब दो दर्जन युवा अभ्यर्थी शामिल रहे।