*सिकरीगंज में अंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, भव्य जुलूस और जयघोष से

*सिकरीगंज में अंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, भव्य जुलूस और जयघोष से गूंजा पूरा इलाका* सिकरीगंज (गोरखपुर), 14 अप्रैल 2026। दक्षिणांचल क्षेत्र के सिकरीगंज में मंगलवार को भारत रत्न बी आर अम्बेडकर की जयंती पूरे उत्साह, जोश और श्रद्धा के साथ मनाई गई। संविधान निर्माता और महान समाज सुधारक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस के अवसर पर क्षेत्र में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरे दिन बाबा साहेब के जयकारों, नारों और सामाजिक समरसता के संदेशों से वातावरण गुंजायमान रहा। इस अवसर पर महादेवा बाजार से एक विशाल और भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोग हाथों में बाबा साहेब की तस्वीरें, झंडे और बैनर लेकर चल रहे थे तथा “जय भीम” और “बाबा साहेब अमर रहें” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। यह ऐतिहासिक जुलूस महादेवा बाजार से शुरू होकर उसरैन, ढकवा, ढेबरा, बलुआ, बनकटी, जादूपट्टी और सिकरीगंज होते हुए आगे बढ़ा। रास्ते भर जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और फूल-मालाओं से बाबा साहेब को नमन किया। कई स्थानों पर लोगों ने जलपान की भी व्यवस्था की, जिससे जुलूस में शामिल लोगों का उत्साह और बढ़ गया। जुलूस का समापन भुमिधर इंटर कॉलेज बेलघाट मोड़ के पास हुआ, जहां लोगों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उनके द्वारा बनाए गए भारतीय संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला।स्थानीय लोगों ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का जो संदेश दिया, वही आज के समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अंबेडकर जयंती के इस भव्य आयोजन में महादेवा बाजार, उसरैन, ढकवा, ढेबरा, बलुआ, बनकटी, जदूपट्टी, सिकरीगंज सहित दूर-दराज के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोगों की भारी भीड़ और उत्साह को देखकर ऐसा लग रहा था मानो पूरा क्षेत्र बाबा साहेब की जयंती मनाने के लिए एकजुट हो गया हो। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में शिक्षा, समानता और भाईचारे का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। अंबेडकर जयंती