मध्यस्थता से मामलों के निस्तारण को लेकर बैठक आयोजित ‘राष्ट्र के लिए

मध्यस्थता से मामलों के निस्तारण को लेकर बैठक आयोजित ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ के तहत पक्षकारों को सुलह-समझौते से शीघ्र न्याय दिलाने पर जोर गाजीपुर। बांस गांव संदेश। न्यायालयों में लंबित मामलों का मध्यस्थता एवं सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक निस्तारण कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ के संबंध में मंगलवार को जनपद न्यायालय गाजीपुर के दसकक्षीय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यस्थता अभियान के उद्देश्यों और इसके माध्यम से मामलों के शीघ्र निस्तारण को लेकर चर्चा की गई।उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अध्यक्ष, मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार 01 अगस्त से 30 दिसंबर 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0 चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित कर संबंधित पक्षकारों को सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है।अभियान के माध्यम से पक्षकारों को अनावश्यक रूप से चलने वाली लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बचाने के साथ ही उनके समय और धन की बचत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। बैठक में अभियान के दायरे में आने वाले विभिन्न प्रकार के मामलों को सुलह-समझौता केंद्र के माध्यम से निस्तारित कराने के संबंध में जानकारी दी गई।अभियान के अंतर्गत पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, धारा 498ए आईपीसी/धारा 85 बीएनएस से संबंधित प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, इजराय संबंधित वाद, आर्बिट्रेशन, वाणिज्यिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, श्रम कानून से संबंधित मामले तथा अन्य सिविल वादों को संबंधित न्यायालय के माध्यम से सुलह-समझौता केंद्र को संदर्भित कराया जा सकता है।बैठक में पक्षकारों को मध्यस्थता प्रक्रिया के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों के समाधान के लिए प्रोत्साहित करने तथा अधिक से अधिक पात्र मामलों को अभियान से जोड़ने पर चर्चा की गई।बैठक में नीरज गोंड, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर, सिविल बार एसोसिएशन गाजीपुर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह, महासचिव अंजनी कुमार ठाकुर, स्थायी लोक अदालत गाजीपुर की सदस्य श्रीमती परमशीला, मध्यस्थ अधिवक्ता एवं पैनल अधिवक्तागण उपस्थित रहे।