देवरिया, भटनी से वन विभाग में ‘मौन’ व्यवस्था, लकड़ी काटने वाले ठेकेदारों

देवरिया, भटनी से वन विभाग में ‘मौन’ व्यवस्था, लकड़ी काटने वाले ठेकेदारों की बल्ले-बल्ले! रिपोर्ट, देवरिया। जनपद में हरियाली बचाने की जिम्मेदारी संभाले जिला प्रभारी दयाशंकर सिंह परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा पर्यावरण को बढ़ावा दिए जाने का संकल्प लिया है तथा वन विभाग देवरिया द्वारा वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग एवं सरकार का संकल्प है। कि एक वृक्ष दस पुत्र समाना का संकल्प लेने वाला वन विभाग इन दिनों सवालों के घेरे में है। ग्रामीण क्षेत्रों में हरे पेड़ों की कटाई लगातार जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि लकड़ी काटने वाले ठेकेदारों की गतिविधियां बेखौफ होकर चल रही हैं। जबकि वन विभाग के उच्च अधिकारी मौन बैठे हुए हैं।विदित हो की भटनी थाना क्षेत्र के सिसई ग्राम सभा में धड़ल्ले से बेखौफ होकर बगैर परमिट का फलदार एवं वेश कीमती वृक्षों का कटान किया जा रहा है वही स्थानीय पुलिस एवं वन विभाग चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना प्रभावी निगरानी के पेड़ों पर आरी चल रही है और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर पौधरोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर पुराने और छायादार पेड़ों की कटाई पर्यावरण संरक्षण के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी कर लकड़ी का कारोबार फल-फूल रहा है और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। देवरिया में पूर्व में भी अवैध पेड़ कटान और ठेकेदारों से जुड़े विवाद सामने आ चुके हैं, जिनमें वन विभाग और ठेकेदारों के बीच टकराव तक की नौबत नजर आई है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटान पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में हरित क्षेत्र तेजी से सिमट सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी और उच्च वन अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर वन संपदा की सुरक्षा किसके भरोसे है? यदि पेड़ों पर लगातार आरी चलती रही तो हरियाली बचाने के सरकारी दावे कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे। देखना यह है कि जिला प्रशासन एवं वन विभाग का हंटर अवैध ठेकेदारों के ऊपर कब तक चलेगा हरित क्रांति के प्रेमी कर रहे अधिकारियों के दावे का इंतजार,