*एक ही नंबर प्लेट से दौड़ रहे थे दो डीसीएम, धर्मकांटे पर

*एक ही नंबर प्लेट से दौड़ रहे थे दो डीसीएम, धर्मकांटे पर खुला खेल* *माल से लदा ट्रक अलग, लोहे की चादर लगी दूसरी डीसीएम से कराते थे वजन* *चिलुआताल पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, दो डीसीएम और चार नंबर प्लेट बरामद* गोरखपुर। चिलुआताल पुलिस ने ट्रकों की नंबर प्लेट बदलकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो डीसीएम ट्रक बरामद किए हैं, जिन पर एक ही नंबर प्लेट लगी थी। इसके अलावा चार अन्य नंबर प्लेट भी बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर एक ही नंबर वाले दो डीसीएम ट्रकों का इस्तेमाल कर माल में हेराफेरी करते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद इजराईल पुत्र लैस मोहम्मद निवासी ग्राम बढ़नी, पोस्ट कठैतियाआलम, थाना डुमरियागंज, जनपद सिद्धार्थनगर और अब्दुल सउद पुत्र अब्दुल समद निवासी सादुल्लापुर, पोस्ट कुशमी, थाना डुमरियागंज, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपियों का तरीका बेहद शातिराना था। एक डीसीएम ट्रक में माल लोड किया जाता था, जबकि उसी नंबर प्लेट वाली दूसरी डीसीएम में लोहे की चादर लगी रहती थी। माल से लदे पहले डीसीएम को धर्मकांटे पर वजन कराने के बजाय उसी नंबर प्लेट वाली दूसरी डीसीएम को धर्मकांटे पर ले जाकर वजन कराया जाता था। इसके बाद माल में से शेष हिस्सा निकालकर बेच दिया जाता था। इस तरह एक ही नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर दोनों वाहनों की पहचान को लेकर भ्रम पैदा किया जाता था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दोनों डीसीएम को कब्जे में लेने के साथ चार अन्य नंबर प्लेट भी बरामद की हैं। बरामदगी के आधार पर चिलुआताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 781/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 341(2) और 61(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में आरोपियों के अन्य साथियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि एक ही नंबर प्लेट वाले वाहनों के जरिए कितनी घटनाओं को अंजाम दिया गया और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। चिलुआताल पुलिस की कार्रवाई से ऐसे वाहनों के जरिए माल की तौल और परिवहन व्यवस्था में धोखाधड़ी करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस बरामद वाहनों और नंबर प्लेटों के संबंध में भी आवश्यक अभिलेखीय जांच कर रही है, ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।