10 करोड़ से अधिक की 120 परियोजनाओं की मंडलायुक्त ने की समीक्षा,

10 करोड़ से अधिक की 120 परियोजनाओं की मंडलायुक्त ने की समीक्षा, लापरवाही पर होगी कार्रवाई सड़क की 44 और भवन निर्माण की 76 परियोजनाएं प्रगति पर, गुणवत्ता व समयसीमा का पालन करने के निर्देश गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गोरखपुर मंडल के चारों जनपदों गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर में चल रही बड़ी परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, बजट उपयोग और समयसीमा की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि मंडल में कुल 120 बड़ी परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें 44 सड़क निर्माण और 76 भवन निर्माण व अन्य विकास कार्यों से संबंधित हैं। सड़क परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और एनएचएआई की परियोजनाएं शामिल हैं। मंडलायुक्त ने धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समयसीमा के भीतर पूरे कराए जाएं। साथ ही भूमि विवाद, तकनीकी अड़चन और बजट संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने को कहा। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और वास्तविक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा गुणवत्ता जांच के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोरखपुर जनपद की परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अधिकांश कार्य समयसीमा के अनुसार चल रहे हैं और शेष परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है। नगर आयुक्त अजय जैन ने शहर क्षेत्र में चल रहे सड़क, ड्रेनेज और नगर विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, सीआरओ हिमांशु वर्मा, डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को जनहित की परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए।