देवरिया: कंपोजिट विद्यालय अगया की ग्राउंड रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था, मिड-डे मील

देवरिया: कंपोजिट विद्यालय अगया की ग्राउंड रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था, मिड-डे मील और मूलभूत सुविधाओं पर उठे सवाल देवरिया। सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत छितरुवा स्थित कंपोजिट विद्यालय अगया की एक ग्राउंड रिपोर्ट में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, मिड-डे मील, पेयजल व्यवस्था, खेल मैदान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में विद्यालय प्रशासन का पक्ष भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में बच्चों के लिए समुचित खेल मैदान उपलब्ध नहीं है। निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली और परिसर में कई नलों की टोटियां टूटी हुई बताई गईं। मिड-डे मील की जांच के दौरान भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनता मिला। रसोइया ने बताया कि एलपीजी गैस सिलेंडर समाप्त हो जाने के कारण मजबूरी में चूल्हे का उपयोग किया जा रहा था। वहीं, बच्चों से भोजन के संबंध में पूछे जाने पर अधिकांश ने बताया कि उन्हें एक रोटी और आलू-सोयाबीन की सब्जी मिली, जबकि रसोइया ने गोभी की सब्जी भी बनने की बात कही। इससे मिड-डे मील की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के पालन को लेकर सवाल खड़े हुए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कक्षा 8 के कुछ छात्र सामान्य ज्ञान और बुनियादी सवालों के संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। हालांकि विद्यालय के एक शिक्षक ने जांच प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जिन बच्चों से प्रश्न पूछे गए वे पढ़ाई में अपेक्षाकृत कमजोर थे तथा बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति द्वारा जांच किए जाने पर भी सवाल उठाए। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विद्यालय में पहले भी चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। उनके अनुसार अज्ञात लोग ताले, फाटक और नलों की टोटियां तोड़ देते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन घटनाओं की सूचना शिक्षा विभाग या स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई, बल्कि केवल ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को अवगत कराया गया था। विद्यालय के अभिलेखों के अनुसार यहां कुल 167 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय में सात शिक्षक, दो शिक्षामित्र और एक अनुदेशक सहित कुल 10 कर्मचारी तैनात हैं। निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया। ग्राउंड रिपोर्ट सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित शिक्षा विभाग इन बिंदुओं की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करता है या नहीं। वहीं, विद्यालय प्रशासन द्वारा उठाई गई समस्याओं और स्पष्टीकरण पर भी विभागीय स्तर पर विचार किए जाने की आवश्यकता है।