सीएम योगी का अल्टीमेटम: "बिजली सप्लाई में लापरवाही पर सीधे एक्शन, फील्ड

सीएम योगी का अल्टीमेटम: "बिजली सप्लाई में लापरवाही पर सीधे एक्शन, फील्ड में उतरें ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच पॉवर सप्लाई की समीक्षा; मुख्यमंत्री बोले– शिकायत सिर्फ दर्ज न करें, समाधान का समय भी बताएं उपभोक्ता को लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और बढ़ती मांग के बीच बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रविवार को ऊर्जा विभाग, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) और सभी डिस्कॉम (Discoms) के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक करते हुए सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश के चाहे गांव हों या शहर, बिजली सप्लाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को खुद फील्ड में उतरकर कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। बैठक की 4 सबसे बड़ी बातें और सीएम के निर्देश जवाबदेही और उपभोक्ता केंद्रित व्यवस्था: मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसमिशन सिस्टम की क्षमता बढ़ाना और उसकी लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है। बिजली की व्यवस्था को पूरी तरह से उपभोक्ता-केंद्रित (Consumer-Centric) बनाया जाए। शिकायत दर्ज करना काफी नहीं, समाधान का समय बताएं: सीएम योगी ने निर्देश दिया कि यदि किसी कारणवश बिजली कटती है, तो उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाए। सिर्फ शिकायत नंबर देना काफी नहीं है, बल्कि यह भी बताएं कि समस्या कब तक ठीक होगी। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को बनाएं आसान: "बिजली सिर्फ तकनीकी मामला नहीं है, बल्कि यह आम जनता, किसानों की सिंचाई और उद्योगों से जुड़ा जीवन का अहम हिस्सा है।" जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच एसएमएस, व्हाट्सएप और ईमेल पर बिल मिलेगा। भविष्य की तैयारियों पर जोर: सीएम ने कहा कि भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने डिस्कॉम को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक (Long-term) ऊर्जा योजनाओं पर काम करने को कहा। अधिकारियों ने सीएम को दिए ये आंकड़े: मांग और सुधार की स्थिति बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने वर्तमान बिजली संकट, मांग में आए उछाल और पिछले कुछ सालों में हुए सुधारों का ब्यौरा भी पेश किया: 1. रिकॉर्ड तोड़ बिजली की मांग इस साल अप्रैल-मई में पिछले साल की तुलना में अत्यधिक गर्मी के कारण बिजली की मांग काफी बढ़ गई। औसत दैनिक खपत: 15 अप्रैल से 22 मई के बीच रोजाना की औसत खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई। पीक डिमांड (최대 मांग): अधिकतम मांग 29,831 मेगावाट से उछलकर 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20, 21 और 22 मई को यूपी देश में दूसरा सबसे ज्यादा बिजली खपत वाला राज्य रहा। 2. ट्रांसफॉर्मर डैमेज मामलों में भारी गिरावट अधिकारियों ने बताया कि समय पर मेंटेनेंस और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं में भारी कमी आई है: