भारत रक्षा दल ने 701 लावारिस मृतकों के लिए किया श्राद्ध, विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान

आजमगढ़। भारत रक्षा दल ने पितृ पक्ष के अवसर पर तमसा नदी के किनारे राजघाट पर लावारिस मृतकों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन वर्ष 2013 से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने के साथ हर साल उनका विधि-विधान से श्राद्ध करता आ रहा है। पंडित सभाजीत पांडेय और पंडित सुजीत पाठक ने कर्मकांड संपन्न कराया। दल के प्रदेश अध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव सहित विनोद शर्मा, जैनेंद्र चौहान, प्रदीप चौहान, आरपी श्रीवास्तव, सुनील वर्मा, हरेंद्र यादव और अनूप श्रीवास्तव ने लावारिस मृतकों के वारिस के रूप में यजमान की भूमिका निभाई। राजघाट पर अनुष्ठान के बाद कुंदीगढ़ (कटरा) स्थित संगठन के केंद्रीय कार्यालय में ब्राह्मण भोज कराया गया। ब्राह्मणों को अंगवस्त्र, बर्तन और दक्षिणा दी गई। इसके बाद सामूहिक भोज हुआ, जिसमें कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भोजन से पहले लावारिस मृतकों के प्रतीकात्मक चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने कहा कि परिजन अपने मृतकों का अंतिम संस्कार रीति-रिवाजों से करते हैं, लेकिन लावारिस मृतकों की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। इसी मानवीय पीड़ा को देखते हुए संगठन ने उनके अंतिम संस्कार का संकल्प लिया। वर्ष 2013 से अब तक भारत रक्षा दल 701 लावारिस शवों का दाह संस्कार कर चुका है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दिन भी कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। आयोजन में जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश, डॉ. धीर जी, विपिन गुप्ता, प्रदीप मौर्य, सोनू मिश्रा, दुर्गेश श्रीवास्तव, सचिन, आलोक शर्मा और जावेद अंसारी ने योगदान दिया।