व्यापारियों को अधिकारों का पाठ,अफसरों से कहा-अतिरिक्त वसूली हुई तो करें शिकायत
व्यापारियों को अधिकारों का पाठ,अफसरों से कहा-अतिरिक्त वसूली हुई तो करें शिकायत व्यापारी जागरूकता संगोष्ठी में 50 बाजारों के अध्यक्ष-महामंत्री जुटे,जिला पंचायत व खाद्य विभाग ने बताईं नियम-कानून की बारीकियां सुल्तानपुर। विभागीय जांच और पंजीयन के नाम पर व्यापारियों से मनमानी वसूली बर्दाश्त नहीं होगी। निर्धारित शुल्क से एक रुपया भी अधिक मांगा जाए तो तत्काल शिकायत करें। जिला पंचायत सभागार में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आयोजित व्यापारी जागरूकता संगोष्ठी में अधिकारियों और व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने व्यापारियों को उनके अधिकारों और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी दी।मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी ने कहा कि जानकारी के अभाव में व्यापारी अनजाने में नियमों का उल्लंघन कर देते हैं। ऐसे में व्यापारियों को परेशान करने के बजाय उन्हें नियमों की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग की जांच के दौरान अधिकारी के पास परिचय पत्र होना चाहिए। बिना परिचय पत्र जांच के लिए पहुंचने पर व्यापारी इसकी सूचना तत्काल सहायक आयुक्त को दें।जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी संतोष त्रिपाठी ने बताया कि जिला पंचायत में व्यापारियों के पंजीयन का शुल्क महज 38 रुपये है। विभव कर की राशि कारोबार की श्रेणी के अनुसार 600 से 6,000 रुपये तक निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली जाएगी।उन्होंने बाजारों में कैंप लगाकर व्यापारियों का पंजीयन कराने की बात कही। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की मौजूदगी में कैंप लगाए जाएंगे। बाजारों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर शौचालय, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के विकास का भी प्रयास किया जाएगा।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त अजीत कुमार ने बताया कि 1.50 करोड़ रुपये तक वार्षिक कारोबार करने वाले खाद्य कारोबारियों के लिए पंजीयन पर्याप्त है, जिसकी फीस 100 रुपये है। लाइसेंस की फीस 5,000 रुपये निर्धारित है।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन के बाद सामान्यतः एक सप्ताह में पंजीयन और एक माह में लाइसेंस का निस्तारण किया जाना है। निर्धारित शुल्क से अधिक रकम मांगने वाले की शिकायत सीधे विभागीय अधिकारियों से करने को कहा।फूड विभाग के चीफ निर्भय नारायण ने खाद्य पदार्थों को ढककर और सुरक्षित डिब्बों में रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और सुरक्षित रखरखाव से खाद्य पदार्थों को संक्रमण से बचाया जा सकता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश संगठन मंत्री अनूप श्रीवास्तव ने की। संचालन जिला अध्यक्ष रमेश अग्रहरि ने किया। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत के कार्याधिकारी प्रवीण कुमार रहे। संगोष्ठी में जिले के करीब 50 बाजारों के अध्यक्ष एवं महामंत्री समेत बड़ी संख्या में व्यापारी और व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौजूद रहे।