रिपोर्टर आदित्य कुमार प्रयागराज करछना के अंतर्गत हर्रई गांव की पाल बस्ती

रिपोर्टर आदित्य कुमार प्रयागराज करछना के अंतर्गत हर्रई गांव की पाल बस्ती में बदहाली, नाली न होने से 5 साल से जलभराव—डेंगू का खतरा बढ़ा । क्षेत्र के ग्राम पंचायत हर्रई की पाल बस्ती में विकास कार्यों की अधूरी तस्वीर सामने आ रही है। यहां सड़क तो बनाई गई, लेकिन जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से पिछले करीब 5 वर्षों से लोग गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। सड़क के दोनों किनारों पर नाली न होने के कारण गंदा पानी लगातार जमा रहता है, जिससे पूरे इलाके में बदबू, कीचड़ और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। गंदगी और कीड़े-मकोड़ों के बीच रहने को मजबूर ग्रामीणों की सेहत पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। आए दिन हो रहे हादसे, कई लोग हो चुके घायल ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के चलते रास्ता फिसलन भरा हो गया है। आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, यहां तक कि कई लोगों के हाथ-पैर तक टूट चुके हैं। ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश स्थानीय निवासी राम शिरोमणि पाल, प्रभुनाथ, रामधनी समेत महंगू लाल पाल, लोरिक लाल पाल, राम बिहारी पाल, हीरालाल पाल, लक्ष्मण पाल, शेर बहादुर पाल, कृष्ण देव पाल, हरिश्चंद्र पाल, गणेश पाल, बुद्धिमान पाल, शिवनाथ पाल, शिव जग पाल, परशुराम पाल, शिव बाबू पाल, रामधारी पाल आदि ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क के किनारे नाली निर्माण नहीं कराया गया तो वे तहसील पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन का आश्वासन इस संबंध में एडीओ पंचायत दिनेश पाठक ने बताया कि मामले को संज्ञान में लिया गया है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष एक ओर सरकार स्वच्छता और ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर हर्रई गांव की पाल बस्ती की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस समस्या का समाधान करता है और ग्रामीणों को राहत मिलती है।